गुजरात: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन के नेतृत्व में अज 04 सितंबर 2026 को गांधीनगर (गुजरात) में दो दिवसीय जन सुनवाई शिविर का समापन किया गया| अध्यक्ष और सदस्य, न्यायमूर्ति (डॉ.) बिद्युत रंजन षड़ंगि तथा श्रीमती विजया भारती सयानी ने राज्य में बंधुआ मजदूरी सहित मानव अधिकारों के उल्लंघन के 129 कथित मामलों की सुनवाई की| इस अवसर पर शिकायतकर्ता, पीड़ित और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे|आयोग ने पहले दिन, 45 मामलों में संबंधित पक्षों की सुनवाई के बाद 27 मामलों का निपटान किया| कई मामलों में मुआवजे के भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत किया गया, जिसकी राशि 3.5 करोड़ रुपये थी|
यह बैठक मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघन के विभिन्न मामलों को सुनवाई के लिए किया गया था| एक मामले में, जिसमें एक महिला को कथित रूप से उचित सूचना दिए बिना गिरफ्तार कर लिया गया, 7.5 लाख रुपये के मुआवजे की सिफारिश की गई है| हिरासत में मृत्यु, मृत्यु का कारण बनने वाली नागरिक निकाय की लापरवाही और पुलिस की ज्यादतियों से संबंधित मामलों के अलावा, बच्चों से जुड़े दुखद मामलों की भी सुनवाई की गई| एक मामले में, जिसमें एक बच्चे को एक कुत्ता उठा ले गया था और बच्चे का फिर कभी पता नहीं चला, इस घटना से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की सिफारिश की गई है|
गुजरात में कारखानों में श्रमिकों की मृत्यु से संबंधित मामलों की भी सुनवाई की गई| भरूच में एक रासायनिक कारखाने में हुई भीषण आग और विस्फोट के बाद जान गंवाने वाले पांच श्रमिकों के परिजनों को मुआवजा प्रदान किया गया| दहेज स्थित एक अन्य रासायनिक संयंत्र में हुई एक अन्य दुखद घटना में जहरीली गैसों के रिसाव से चार श्रमिकों की मृत्यु हो गई, जिनके परिजनों को कुल 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का मुआवजा प्रदान किया गया| अहमदाबाद में एक बड़े विज्ञापन होर्डिंग के गिरने से तीन श्रमिकों की मृत्यु के मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई है, हालांकि मुआवजे से संबंधित विवरण अभी लंबित हैं| ये मामले इस बात को दर्शाते हैं कि औद्योगिक लापरवाही के कारण होने वाली जनहानि के मामलों में आयोग का रुख दृढ़ है तथा ऐसे मामलों में न केवल जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, बल्कि पीड़ित परिवारों को सार्थक राहत एवं प्रतितोष भी प्रदान किया जाना चाहिए| आयोग ने विद्यालयों में आधारभूत संरचना की विफलताओं तथा अनुसूचित जाति समुदायों के लिए श्मशान घाटों के अभाव से संबंधित मुद्दों को भी उठाया और सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए|
सुनवाई के दूसरे दिन, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष ने राज्य में कथित बंधुआ मजदूरी से संबंधित 27 मामलों की सुनवाई की| गुजरात के श्रम सचिव तथा संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट भी उपस्थित रहे| आयोग ने जिला मजिस्ट्रेटों की प्रस्तुतियां सुनीं और मामलों में प्राप्त रिपोर्टों पर विचार किया| उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों से निपटते समय संवेदनशील एवं सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने तथा ऐसी शिकायतों पर विचार करते समय बंधुआ मजदूरी के संकेतकों को ध्यान में रखने के लिए संवेदनशील दिखाने को कहा|
सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ.) बिद्युत रंजन षड़ंगि और श्रीमती विजया भारती सयानी की खंडपीठ ने 57 मामलों की सुनवाई की, जिनमें अनुपालन संबंधी मामले तथा मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन से संबंधित अन्य शिकायतें शामिल थीं| पक्षकारों को सुनने तथा अनुपालन रिपोर्टों के साथ-साथ मृतकों के निकटतम परिजनों को 27 लाख रुपये के मुआवजे के भुगतान के प्रमाण की समीक्षा करने के बाद 46 मामलों का निपटान कर दिया गया, शेष मामलों में अधिकारियों से आगे की रिपोर्ट मांगी गई है|
आयोग ने गैर-सरकारी संगठनों, नागरिक समाज संगठनों तथा मानव अधिकार संरक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया|इस दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के बेहतर क्रियान्वयन; पोक्सो (POCSO) के पीड़ितों को न्याय, कम उम्र की बालिकाओं के लिए संस्थागत देखभाल, सिंगल-विंडो क्लियरेंस प्रणाली तथा असंगठित क्षेत्र में पॉश (POSH) अधिनियम, 2013 के क्रियान्वयन से संबंधित मुद्दों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई| एनएचआरसी के अध्यक्ष ने हितधारकों और एनएचआरसी के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता को स्वीकार किया|
तत्पश्चात राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें रिपोर्ट प्रस्तुत न किए जाने, बंधुआ मजदूरी के मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील बनाने की आवश्यकता, पुलिस द्वारा मानव अधिकारों का उल्लंघन, निषेध कानूनों के उचित क्रियान्वयन की आवश्यकता आदि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई| अध्यक्ष ने मानव अधिकारों के उल्लंघन के पीड़ितों को राहत प्रदान करने में अधिकारियों के सहयोग की सराहना की| जन सुनवाई और शिविर बैठक का समापन प्रेस-वार्ता के साथ किया गया|
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