Home उत्तर प्रदेशमध्यान्ह भोजन में घोटाला को लेकर यूपी के मुख्य सचिव को एनएचआरसी का नोटिस

मध्यान्ह भोजन में घोटाला को लेकर यूपी के मुख्य सचिव को एनएचआरसी का नोटिस

by Munna Pathak

उत्तर प्रदेश : राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक सरकारी विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को विगत दो वर्षों से मध्यान्ह भोजन उपलब्ध नहीं कराने को काफी गंभीरता से लिया है| विद्यालय के विद्यार्थियों ने मध्यान्ह भोजन उपलब्ध नहीं कराने को लेकर इसकी लिखित शिकायत बलिया के जिलाधिकारी से की| जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की शिकायत पर इस मामले की जांच कराई तो इसमें बड़ा घोटाला सामने आया| जांच के क्रम में पाया गया कि 200 विद्यार्थियों को नियमित रूप से मध्यान्ह भोजन परोसे जाने का फर्जी अभिलेख बनाए जा रहे हैं| आयोग का मानना है कि समाचार रिपोर्ट यदि सत्य हैं, तो यह मानव अधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे हैं| सरकारी विद्यालयों में कक्षा 8 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की योजना बच्चों में कुपोषण को रोकने और उन्हें विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है| इसलिए, आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर इस मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है| 27 अगस्त 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच में लगभग 14 लाख रुपये की अनियमितताओं और कथित गबन का पता चला, जिसमें रसोइयों को कम भुगतान करना तथा प्रधानाचार्य एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री पोषण अभियान की निधि का कथित दुरूपयोग शामिल है|

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

You may also like

Leave a Comment