Home बिहारकिसानों की आर्थिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राम कृपाल

किसानों की आर्थिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राम कृपाल

by Munna Pathak

पटना : सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि किसानों की रक्षा और उनकी आर्थिक सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है| बिहार राज्य फसल सहायता योजना किसानों को फसल क्षति की स्थिति में आर्थिक संबल प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है| योजना के प्रति किसानों में उत्साह देखा जा रहा है और अब-तक लगभग 73 हजार किसानों द्वारा आवेदन किया जा चुका है| सहकारिता विभाग, बिहार सरकार द्वारा खरीफ 2026 मौसम के लिए बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं| पात्र किसान 31 अक्टूबर 2026 तक योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, आवेदन की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है|

फसल क्षति के अनुसार 10 हजार प्रति हेक्टेयर तक सहायता:

बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत फसल उत्पादन में 20 प्रतिशत तक क्षति होने पर 7,500 प्रति हेक्टेयर तथा 20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर 10,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि दी जाएगी| यह सहायता अधिकतम 2 हेक्टेयर तक के लिए देय होगी| योजना का लाभ रैयत, गैर-रैयत तथा आंशिक रूप से रैयत एवं गैर-रैयत किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा| कृषि विभाग के डी.बी.टी. पोर्टल पर पंजीकृत किसान सीधे योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं| प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के अंतर्गत कृषि विभाग, बिहार सरकार द्वारा संधारित एवं सत्यापित रैयत श्रेणी के किसान रैयत अथवा आंशिक रूप से रैयत एवं गैर-रैयत श्रेणी में आवेदन कर सकते हैं|

आवेदन के समय किसानों को फसल एवं बुआई के रकबे की जानकारी देनी होगी| सत्यापन के समय निर्धारित दस्तावेज अपलोड करने होंगे| रैयत किसानों के लिए 31 मार्च 2025 के बाद निर्गत अद्यतन भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र अथवा 31 मार्च 2026 के बाद निर्गत राजस्व रसीद तथा निर्धारित घोषणा-पत्र आवश्यक होगा| घोषणा-पत्र वार्ड सदस्य अथवा किसान सलाहकार द्वारा प्रति हस्ताक्षरित होना आवश्यक है| सहकारिता विभाग के सचिव ने बताया कि किसान esahkari.bihar.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं| योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सहकारिता विभाग की वेबसाइट state.bihar.gov.in/cooperative अथवा सुगम कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800 3454 110 पर संपर्क कर सकते हैं|

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