गुमला : सड़क दुर्घटनाएं न सिर्फ इंसान के शारीर को तोड़ती है बल्कि कई बार सभी इलाज के अभाव में पूरी जिंदगी को दर्द के दलदल में धकेल देती है| ऐसा ही एक दर्दनाक मामला झारखंड के गुमला जिले से सामने आया है| गुमला की एक महिला विगत 6 वर्षों से अपने पैर का सही इलाज कराने के लिए दर-दर भटक रही है | पीड़ित महिला जयंती टोप्पो गुमला के चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित मराईकूना गांव की रहनेवाली है, जो विगत कई माह से राजधानी रांची के किसी चर्च में रह रही है| 6 वर्ष पूर्व जयंती टोप्पो सड़क किनारे बैठी हुई थी तभी एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल की चपेट में आ गई| इस दुर्घटना में जयंती टोप्पो का पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया|
निजी अस्पताल भी नहीं कर सका ठीक:
पीड़ित महिला जयंती टोप्पो ने बताया कि छह साल पूर्व हुए हादसे में एक पैर पूरी तरह टूटकर खराब हो गया था, पैर की हड्डियां पूरी तरह से चूर हो चुकी थी| हादसे के तुरंत बाद बेहतर इलाज की उम्मीद में परिजनों ने महिला को बड़े निजी अस्पतालों में भर्ती कराया| वहां काफी पैसे खर्च करने और पैर में सर्जिकल रॉड लगाए जाने के बावजूद महिला को कोई स्थायी राहत नहीं मिली|
दर्द से कराहती महिला अब सरकारी व्यवस्था के भरोसे:
सालों तक निजी डॉक्टरों और अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद, थक-हारकर महिला अब सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की शरण में पहुंची है| महिला गंभीर स्थिति में रांची सदर अस्पताल पहुंची है,अस्पताल परिसर में महिला की स्थिति देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई| उनके पैर की बनावट और त्वचा पर गहरे घावों के निशान आज भी उस भयानक हादसे की गवाही दे रही है| पीड़िता ने बताया कि सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक जांच शुरू कर दी है| पीड़िता का कहना है कि पैर की वर्तमान स्थिति, हड्डियों के जुड़ाव और लगी हुई रॉड की स्थिति का आकलन करने के लिए आवश्यक एक्स-रे और अन्य जांच अस्पताल द्वारा कराई जा रही है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पैर की स्थिति के बार में कोई निर्णय लिया जाएगा|
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