Home झारखंडविचाराधीन कैदी की मौत मानवाधिकार का उल्लंघन

विचाराधीन कैदी की मौत मानवाधिकार का उल्लंघन

by Munna Pathak

साहेबगंज: झारखंड के साहेबगंज जिले के राजमहल उपकारा में सोमवार, 14 सितंबर को हत्या के मामले में बंद एक विचाराधीन कैदी की मौत होने की सूचना मिली है| इस घटना के बाद स्थानीय जेल प्रशासन में हडकंप मच गया है| मृतक की पहचान साहिबगंज जिले के राधानगर थाना क्षेत्र स्थित साल्टी पोखर निवासी 35 वर्षीय सुनील बस्की के रूप में की गई है| सुनील बस्की हत्या के एक मामले में 14 जुलाई 2025 से राजमहल उपकारा में बंद था| मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर भोजन करने के बाद अन्य बंदियों की तरह सुनील बस्की भी अपने बैरक में विश्राम कर रहा था| दोपहर लगभग 2:30 बजे जब जेल कर्मियों द्वारा बंदियों को बैरक से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई, तब सभी बंदी बाहर आ गए लेकिन सुनील अपने स्थान पर ही पड़ा रहा| साथी बंदियों और जेल कर्मियों ने उसे जगाने का प्रयास किया, लेकिन शरीर में कोई हलचल या प्रतिक्रिया न होने पर कर्मियों को संदेह हुआ, जांच करने पर उसे पूरी तरह अचेत पाया गया|

कैदी के अचेत मिलने की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई, आनन-फानन में सुरक्षाकर्मियों की मदद से उसे तत्काल अनुमंडल अस्पताल राजमहल ले जाया गया| अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. उदय टुडू ने कैदी की प्राथमिक जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया, डॉक्टर के अनुसार, अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी| जेल में बंद कैदी की जिम्मेवारी जेल प्रशासन की होती है, अगर कैदी पहले से बीमार था या उसे कोई परेशानी थी तो उसका इलाज जेल प्रशासन को समय रहते करना चाहिए था| अगर इसमें जेल प्रशासन के सत्र पर पर कोई गड़बड़ी हुई है तो यह जेल में बंद कैदी के मानवाधिकार का घोर उल्लंघन है|

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