रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने मलेरिया और कालाजार नियंत्रण कार्यक्रम में लंबे समय से अनुबंध पर काम कर रहे टेक्निकल सुपरवाइजरों को राहत दी है| जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर (MTS) और कालाजार टेक्निकल सुपरवाइजर (KTS) की सेवा नियमित करने की प्रक्रिया 12 सप्ताह में पूरी करने का निर्देश दिया है| अदालत ने राज्य सरकार को नियमित पद सृजित कर कर्मचारियों की नियुक्ति की शुरुआती तारीख से सेवा नियमित करने और मलेरिया इंस्पेक्टर के समान वेतनमान देने को कहा है| यदि नियमित पद नहीं बनाए जाते हैं, तो उन्हें मलेरिया इंस्पेक्टर के स्वीकृत रिक्त पदों पर समायोजित करना होगा| कोर्ट ने नियमिती-करण की मांग खारिज करने वाले स्वास्थ्य विभाग के आदेश को भी रद्द कर दिया|
सरकार का रवैया मनमाना:
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उनकी नियुक्ति 2008 से 2012 के बीच विज्ञापन के जरिए हुई थी| इसके बाद से वे लगातार काम कर रहे हैं और हर साल उनके अनुबंध का नवीनीकरण होता रहा है| अदालत ने सरकार के रवैये को मनमाना बताते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के विपरीत बताया, याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा|
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