झारखंड: राजधानी रांची के प्रतिष्ठित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस यानी अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जिला स्कूल की मौजूदा बदहाली पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई ह| स्कूल और उसके हॉस्टल की जर्जर हालत पर स्वतः संज्ञान लेते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई| अदालत ने टिप्पणी की है कि ‘एक्सीलेंस’ का बोर्ड लगाने भर से स्कूल बेहतर नहीं हो जाते, बल्कि इसके नाम के अनुरूप जमीन पर भी वैसी ही शानदार व्यवस्था दिखनी चाहिए|
हॉस्टल में खौफ के साए में जी रहे बच्चे:
इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक की खंडपीठ कर रही है, जिसमें एमिकस क्यूरी के तौर पर अधिवक्ता दुर्गेश अग्रवाल ने पक्ष रखा| अदालत के सामने जब जर्जर स्कूल भवन और बदहाल छात्रावास की तस्वीरें पेश की गईं, तो बेंच ने इसे बेहद पीड़ादायक करार दिया| स्थिति यह है कि हॉस्टल की दीवारों से लगातार पानी रिसता रहता है, सीलन और गंदगी से दीवारें बदरंग हो चुकी हैं और कई कमरों की छतें इतनी डैमेज हो चुकी हैं कि वहां से प्लास्टर लगातार झड़ रहा है| इन जानलेवा और खस्ताहाल कमरों में रहने वाले सौ मासूम बच्चे हर पल अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं|
अदालत ने 28 अक्टूबर तक मांगी रिपोर्ट:
अदालत ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए 28 अक्टूबर तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है, इस मामले की अगली सुनवाई अब 29 नवंबर को होगी|
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