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- कैबिनेट ने इससे संबंधित नियमावली के प्रारूप को दी मंजूरी, भवन से लेकर होल्डिंग टैक्स वसूलने का पंचायतों को मिला अधिकार
- कैबिनेट से 31 एजेंडों पर लगी मुहर, पंचायतों का वर्ष 2011 की जनसंख्या के अधार पर नए तरीके से किया जाएगा परिसीमन
पटना, 15 जुलाई।
राज्य की ग्राम पंचायतों को अब कर (टैक्स) वसूलने का अधिकार मिल गया है। ग्राम पंचायतें होल्डिंग से दखलकार पर कर के अलावा पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत पेशा, व्यापार, उद्योग पर शुल्क, पंचायत के स्तर से दी गई सेवाओं पर शुल्क एवं पंचायत की तरफ से लगाए जाने वाले अन्य तरह के शुल्क से संबंधित अधिकार मिल गए हैं। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इससे संबंधित नियमावली के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है। इसका नाम ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026 रखा गया है। कैबिनेट की बैठक में 31 एजेंडों पर मुहर लगी। इसमें लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पंचायतें इस अधिकतम दर के अधीन रहते हुए कर या शुल्क निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसे लगा सकेंगी, जिससे पंचायतों की स्वयं के आय में उल्लेखनीय वढ़ोतरी होगी। यह पहला मौका है, जब बिहार में पंचायतों के लिए यह व्यवस्था की गई है। अब तक कोई नियमावली नहीं बनाई गई है, न ही किसी राज्यादेश के माध्यम से कर, दर एवं शुल्क लगाने का अधिकार पंचायतों को सौंपे गए हैं। इस नियमावली में इन तमाम बातों का विशेष रूप से ध्यान रखते हुए उचित प्रावधान किए गए हैं।
श्री चौधरी ने एक अन्य अहम निर्णय की जानकारी दी कि पंचायतों का वर्ष 2011 की जनसंख्या के हिसाब से नए तरीके से परिसीमन कराया जाएगा। इससे स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ता, विकास की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, जनसंख्या के अनुरूप संतुल्ति प्रतिनिधित्व एवं जनसुविधाओं की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। ग्राम पंचायत क्षेत्रों का गठन या परिसीन होने से प्रशासनिक दक्षता, स्थानीय प्रतिनिधित्व एवं ग्राम पंचायत क्षेत्रों के विकास में क्षेत्रीय संतुलन बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) (द्वितीय संशोधन) नियमावली- 2026 की स्वीकृति दी गई है। इस संशोधन के तहत ई-नीलामी में अधिक से अधिक बोलीदाता भाग ले सकेंगे, जिससे सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी हो सकेगी। नई नियमावली के मुताबिक, पहाड़ों के छोटे-छोटे ब्लॉक बनाकर इनका खनन पट्टा जारी किया जाएगा। पहले किसी खनन क्षेत्र की 500 मीटर की परिधि में क्रशर मशीन को स्थापित करने का प्रावधान था, इस क्षेत्र को बढ़ाकर 2 किमी कर दिया गया है। इसके अलावा राज्य की काराओं (जेलों) में तैनात भूतपूर्व सैनिक सह कक्षपालों का मासिक मानदेय 19 हजार 800 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया। राज्य में कैदियों की प्राकृतिक मृत्यु, प्राकृतिक आपदा के कारण आकस्मिक मृत्यु तथा अप्राकृतिक कारणों से मौत के मामले में मृतक बंदी के आश्रित या निकटतम परिजन या उत्तराधिकारी को मुआवजा भुगतान के लिए नीति बनाई जाएगी। कैबिनेट से अनुमति मिलने के बाद इससे संबंधित नीति गृह विभाग (कारा) तैयार करेगा।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत-2.0) के अंतर्गत हाजीपुर में सिवरेज नेटवर्क एवं एसटीपी निर्माण परियोजना के लिए 232 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा खगड़िया, सीतामढ़ी और समस्तीपुर में जलापूर्ति परियोजना के लिए 596.43 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा उपचारित अपशिष्ट जल के सुरक्षित तरीके से दोबारा उपयोग करने के लिए नई नीति-2026 की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस नीति को उद्योग समेत अन्य सभी स्थानों पर लागू किया जाएगा। इससे प्रदूषण को कम करने में काफी सहयोग मिलेगा।
श्री चौधरी ने बताया कि भागलपुर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा का नाम अजगैबीनाथ धाम हवाई अड्डा कर दिया गया है। इसके निर्माण के लिए भागलपुर जिला में 1425 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसमें 556 करोड़ 11 लाख 85 हजार रुपये तथा मुंगेर जिला में 1720 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए 773 करोड़ 46 लाख 84 हजार रुपये की मुआवजा राशि के वितरण का अनुमान रखा गया है। इसके अतिरिक्त राजगीर, रोहतास और कैमूर क्षेत्र में ग्रीनफिल्ड हवाई अड्डा का निर्माण के लिए नई दिल्ली स्थित भारतीय विमानपतन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे दोनों हवाई अड्डों की प्री-फिजेब्लिटी स्टडी करके रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि लड़की एवं महिलाओं की सुरक्षा के लिए खासकर स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान आदि जाने के दौरान पुलिस दीदी का गठन किया गया है। इसके लिए 1500 स्कूटी एवं पुलिस कर्मियों के लिए 3200 मोटरसाइकिल की खरीद होगी। 1500 स्कूटी में 1 हजार स्कूटी पेट्रोल और 500 स्कूटी इलेक्ट्रिक वाली होगी। उन्होंने कहा कि साथ निश्चय-3 (2025-30) उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य के अंतर्गत पूर्व में चयनित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के अतिरिक्त राज्य के अन्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को भी सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में चयन एवं संचालन किया जाएगा।
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