पटना : अष्टादश बिहार विधानसभा का तृतीय सत्र 20 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 24 जुलाई 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया, इस सत्र में कुल पांच बैठकें हुई|सत्र के दौरान सभी सदस्यों ने बिहार के विकास के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई| इस सत्र में वर्ष 2026-27 में जो खर्च होने की संभावना है, उसके संबंध में प्रथम अनुपूरक व्यय विवरण को स्वीकृति मिली| इस सत्र में कुल 21 (इक्कीस) राजकीय विधेयकों को स्वीकृति मिली|सत्र के दौरान कुल 1038 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें 971 प्रश्न स्वीकृत हुए, इन स्वीकृत 971 प्रश्नों में 74 अल्पसूचित प्रश्न थे, जिनमें 70 प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हुए|कुल 721 तारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए, जिनमें 697 प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हुए, साथ ही 176 प्रश्न अतारांकित हुए| सरकार की संवेदनशीलता से लगभग सभी विभागों ने प्रश्नों का शत-प्रतिशत उत्तर दिया| सत्र के दौरान कुल 206 ध्यानाकर्षण सूचनाएं प्राप्त हुई, जिनमें 08 वक्तव्य हेतु स्वीकृत हुए, 180 सूचनाएं लिखित उत्तर हेतु संबंधित विभागों को भेजे गये तथा 18 अमान्य हुए|सत्र में कुल 193 निवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 186 स्वीकृत हुए एवं 07 अस्वीकृत हुए| कुल 119 याचिकाएं प्राप्त हुई, जिसमें 106 स्वीकृत एवं 13 अस्वीकृत हुई,सत्र में कुल एक सौ गैर सरकारी संकल्प की सूचना पर सदन में चर्चा हुई|सत्र के दौरान सदस्यों द्वारा शून्यकाल के माध्यम से जनहित के कतिपय मामले उठाये गये एवं विभिन्न विभागों के प्रतिवेदन, अधिसूचना की प्रति तथा बिहार विधान सभा के विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन सदन पटल पर रखे गये23 जुलाई, 2026 को प्रभारी मंत्री, वित्त विभाग द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 151(2) के अनुसरण में भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक से प्राप्त बिहार सरकार का मार्च 2024 को समाप्त हुए वर्ष 2023-24 के निष्पादन एवं अनुपालन लेखा परीक्षा वर्ष 2017-18 से 2022-23 के “निष्पादन लेखा परीक्षा-सिविल” तथा वर्ष 2024-25 के “राज्य के वित्त” प्रतिवेदनों को राज्यपाल की अनुमति से सभा पटल पर रखा गया| साथ ही इन प्रतिवेदनों को बिहार विधान सभा के लोक लेखा समिति द्वारा विचार किये जाने एवं जनता में बिक्री के लिए प्राप्य होने का प्रस्ताव सदन द्वारा स्वीकृत हुआ| इसके अलावा अन्य विभागों के भी प्रतिवेदन रखे गए|
इ
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!