झारखंड: रांची भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने स्थानीय नामकुम अंचल से दस्तावेज चोरी और हेर-फेर मामले में तत्कालीन अंचल निरीक्षक मनोज कुमार दीक्षित (सेवानिवृत्त) और लिपिक दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है| झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद नामकुम अंचल कार्यालय से म्यूटेशन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को गायब करने के मामले में एसीबी ने यह कार्रवाई की है| प्राथमिकी में तत्कालीन सीओ डॉ. श्वेता वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है| मामला नामकुम अंचल कार्यालय में दर्ज दाखिल-खारिज वाद संख्या 356R-27/2013-14 से जुड़ा है| आरोप है कि इस मामले से संबंधित दस्तावेज अंचल कार्यालय से गायब कर दिए गए| एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले के अन्य नामजद व संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है| बता दें कि म्यूटेशन के एक मामले में दस्तावेजों के गायब होने के संबंध में एसीबी में प्राथमिकी दर्ज की गई थी| इस मामले में नामकुम अंचल की तत्कालीन सीओ श्वेता वर्मा, तत्कालीन अंचल निरीक्षक (सीआई) मनोज कुमार, तत्कालीन लिपिक दीपक कुमार व अन्य पर केस दर्ज की गई थी, पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दो नामजद की गिरफ्तारी हुई है| अब ACB यह पता लगाने में जुटी है कि दाखिल-खारिज वाद से जुड़े दस्तावेज आखिर किस परिस्थिति में गायब हुए और इसमें संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की क्या भूमिका हो सकती है|
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