Home झारखंडबीआईटी सिंदरी का सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क लाल फीताशाही का शिकार

बीआईटी सिंदरी का सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क लाल फीताशाही का शिकार

by Munna Pathak

झारखंड: बीआईटी सिंदरी का सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क का सपना 09 वर्षों के बाद भी अधूरा है| लोग स्टार्टअप कंपनियों के आने का इंतजार कर रहे हैं| करोड़ों की लागत से 2017 में निर्मित सिंदरी का सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क आज भी विकास की राह देख रहा है| 08 वर्ष बीतने के बाद भी यहां स्टार्टअप कंपनियों का आना न के बराबर है| पार्क के निर्माण के बाद शुरुआती पांच वर्षों तक यह पूरी तरह बंद रहा| 2022 में भारत सरकार ने उपनिदेशक के रूप में दीपक कुमार की पदस्थापना की गई थी जिसके बाद यहां की गतिविधियों की शुरुआत हुई| दीपक कुमार के प्रयासों से अब तक मात्र एक कंपनी ‘टेक्निक सोल्यूशन’ ने काम शुरू किया है, जो जीएसटी से संबंधित टैक्स एप्लायंस तैयार कर रही है| वहीं ‘के एन वी इंटरप्राइजेज’ नामक एक अन्य कंपनी ने लाइब्रेरी प्रबंधन से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए आवेदन दिया है| इसके बावजूद पार्क में अपेक्षित गति से काम नहीं हो रहा है|
आइटी विभागाध्यक्ष ने कहा :
बीआइटी सिंदरी के आइटी विभागाध्यक्ष डॉ. एस. सी. दत्ता ने कहा कि इस पार्क से संस्थान को बड़ी उम्मीदें थीं| यहां छात्रों को प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और स्किल डेवलपमेंट के अवसर मिलने की संभावना थी| लेकिन पार्क के अधर में लटके रहने से बीआईटी सिंदरी के छात्रों को भी निराशा हुई है| उपनिदेशक दीपक कुमार ने बताया कि सिंदरी ही नहीं, धनबाद जिले में भी स्टार्टअप कंपनियों की संख्या बेहद सीमित है| उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की कमी, तकनीकी सहयोग की अनुपलब्धता और निवेश के अभाव के कारण कंपनियां यहां आने से हिचकिचा रही हैं| उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से शीघ्र ही पार्क को पूरी तरह विकसित कर स्टार्टअप्स के अनुकूल तैयार किया जाएगा|

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