पटना : बिहार में नदियों के बढ़ते जल स्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से मुस्तैद रहने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत व बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं| राज्य के 11 जिलों-पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल के कुल 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में लगभग 10.26 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है| इस आपादा से निपटने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य प्रशासन की ओर से युद्ध स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं| बाढ़ पीड़ितों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित आवागमन प्रदान करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 50 चिकित्सा शिविर, 19 वोट एम्बुलेंस और 36 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं| विस्थापित और प्रभावित आबादी के निष्क्रमण व आवागमन को सुगम बनाने के लिए कुल 858 नावों का परिचालन कराया जा रहा है| इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के बीच अब तक लगभग 12,000 से अधिक पॉलीथीन शीट और लगभग 2300 ड्राई राशन पैकेट का वितरण किया जा चुका है|
बाढ़ प्रभावित लोगों को दो समय गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न जिलों में कुल 38 सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है, जहां अब तक लगभग 1.21 लाख लोगों को भोजन कराया गया है| इसके अतिरिक्त वैशाली जिले में एक राहत शिविर भी संचालित किया जा रहा है, जहां लगभग 326 बाढ़ पीड़ित शरणार्थियों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा इत्यादि की व्यवस्था की गई है| संभावित खतरों से निपटने और त्वरित राहत व बचाव कार्य के लिए राज्य में एनडीआरएफ की 07 और एसडीआरएफ की 27 टीमों को विभिन्न प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है| पटना के गांधी घाट (50.57 मीटर), बंका घाट (49.45 मीटर) और पंडारक (43.79 मीटर) में गंगा नदी का जलस्तर सर्वोच्च जलस्तर (एचएफएल) से ऊपर बह रहा है, जबकि गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा नदी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर हैं| सारण जिले के माही नदी में त्रिलोकचक में 20 मीटर में तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है, मौके पर एसडीआरएफ को भेजा गया है|
वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव 1.26 लाख क्यूसेक, बीरपुर बराज पर कोसी का जलस्राव 1.77 लाख क्यूसेक और इन्द्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्राव 3.07 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया है| बिहार मौसम सेवा केंद्र की ओर से अगले 2 दिनों में राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम एवं कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताए जाने के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग पूरी स्थिति पर लगातार और सूक्ष्म निगरानी रखे हुए है| जल जमाव रोकने के लिए पटना मे आज बारिश के क्रम में पटना शहर के सभी 56 डीपीएस चालू हैं तथा पटना नगर निगम के 6 अंचलों में कुल 94 पंप (7.5 एचपी–83 एचपी) अतिरिक्त भी जल निकासी हेतु कार्यरत हैं| पटना और दानापुर कैनाल में जल संसाधन विभाग द्वारा डिस्चार्ज बंद किया जा रहा है ताकि शहर की जल निकासी पर दवाब न पड़े| विभिन्न छोटे 13 नालों पर गंगा से बैक फ़्लो रोकने हेतु स्लूस गेट बंद कर दिए गए हैं तथा नालों से जल निकासी हेतु पटना नगर निगम द्वारा पंप सेट लगाए जा रहे हैं|
किसी भी आपातकालीन स्थिति में आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है|
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!