पश्चिम बंगाल: कोलकाता पुलिस ने पासपोर्ट जांच की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है| आगामी एक अक्टूबर से शर में पासपोर्ट जांच की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस से हटा दी जाएगी| इसके बाद नए पासपोर्ट समेत सभी प्रकार के पासपोर्ट जांच का काम सिक्योरिटी कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के माध्यम से किया जाएगा| इस संबंध में कोलकाता पुलिस आयुक्त की ओर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं| निर्देश के अनुसार, व्यवस्था में बदलाव लागू होने से पहले पुलिस थानों में लंबित सभी पासपोर्ट जांच का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करना होगा|
लंबित मामलों के निपटारे पर जोर:
पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारियों को लंबित मामलों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया गया है| अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे| प्रत्येक डिविजन के डीसी को अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थानों में लंबित पासपोर्ट जांच की प्रगति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है| किसी मामले में देरी या किसी प्रकार की समस्या सामने आने पर इसकी जानकारी तत्काल एडिशनल सीपी (एसबी) को देने के निर्देश दिए गए हैं|
30 सितंबर तक देनी होगी रिपोर्ट:
सभी पुलिस थानों को 30 सितंबर तक साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी| रिपोर्ट में कुल लंबित मामलों की संख्या, सप्ताह के दौरान निपटाए गए मामलों तथा सप्ताह के अंत में शेष मामलों का विस्तृत ब्योरा देना होगा| यह रिपोर्टिंग व्यवस्था नवंबर तक जारी रहने की बात कही गई है|
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी:
नई व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने और लंबित मामलों के समय पर निपटारे के लिए ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर इंटेलीजेंस और डीसीपी (एससीओ) को विशेष जिम्मेदारी दी गई है| पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने को कहा है| नई व्यवस्था लागू होने के बाद पासपोर्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में स्थानीय पुलिस थानों की प्रत्यक्ष भूमिका समाप्त हो जाएगी और इसकी जिम्मेदारी एससीओ के स्तर पर केंद्रित होगी|
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!