पटना: निबंधक, सहयोग समितियां बिहार रजनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सहकारिता पदाधिकारियों एवं सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों के साथ विभिन्न सहकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई| बैठक में पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना, गोदाम निर्माण, बिहार राज्य फसल सहायता योजना, विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना तथा नेशनल को-ऑपरेटिव डेटाबेस के साथ पैक्सों की जियोटैगिंग की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए|पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना की समीक्षा के क्रम में कैमूर, समस्तीपुर एवं रोहतास जिलों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की गई| इन जिलों द्वारा सर्वाधिक आंकड़ों की प्रविष्टि कर कम्प्यूटरीकरण कार्य में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है| वहीं, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पटना, खगड़िया एवं सीतामढ़ी जिलों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आंकड़ों की प्रविष्टि में तेजी लाते हुए कम्प्यूटरीकरण कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया तथा विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गयी|गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान निबंधक ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में प्रगति सुनिश्चित करने के साथ उपयोगिता प्रमाण-पत्र निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराए जाएं| उन्होंने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने पर जोर दिया|
विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि राज्य के विभिन्न जिलों में 1000 मीट्रिक टन से अधिक क्षमता वाले कुल 36 बड़े गोदामों का निर्माण प्रस्तावित है| इस संबंध में नवादा एवं बेगूसराय जिलों को गोदाम निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जा सके|नेशनल को-ऑपरेटिव डेटाबेस के साथ सभी प्रकार की क्रियाशील समितियों की जियोटैगिंग की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्र के पैक्सों की जियोटैगिंग का कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया| बैठक में अपर निबंधक विकास कुमार बरियार,मनोज कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, समरेश कुमार,संजय कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे|
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