पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने मृत रैयत किसानों की जमाबंदी को उसके पात्र उत्तराधिकारियों को शीघ्र अद्यतन करने का निर्देश विभाग को दिया है|उन्होंने स्पष्ट रूपेण कहा कि सभी राजस्व कर्मचारी अपने-अपने हल्का में प्रत्येक माह में कम से कम पांच मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें| सचिव गुरुवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित गया, नालंदा एवं शेखपुरा जिलों के सभी अंचल अधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक को संबोधित कर रहे थे| उनकीअध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्व कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न लंबित सेवाओं के निष्पादन की विस्तार से समीक्षा की गई|
मृत जमाबंदी के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश:
बैठक में मृत जमाबंदी के मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया| सचिव ने निर्देश दिया कि अभियान चलाकर मृत रैयतों की जमाबंदी को पात्र उत्तराधिकारियों के नाम अद्यतन किया जाए| इसके लिए सभी राजस्व कर्मचारियों को प्रत्येक माह अपने हलका में कम से कम पांच मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया| सचिव श्री सिंह ने त्रुटिपूर्ण जमाबंदी मामलों की पहचान कर अभियान चलाने तथा उनका नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया| उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना विभाग की प्राथमिकता है|
मापी की निर्धारित तिथि पर हो कार्य:
राज्य में लंबित मापी मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर सचिव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए| उन्होंने स्पष्ट कहा कि मापी की निर्धारित तिथि पर संबंधित रैयत की अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में मापी कार्य को लंबित रखने का आधार नहीं बनेगी| उन्होंने निर्देश दिया कि मापी की निर्धारित तिथि की सूचना संबंधित रैयत को व्यक्तिगत रूप से तथा उपलब्ध मोबाइल नंबर के माध्यम से दी जाए| साथ ही संबंधित पंचायत क्षेत्र के पंचायत भवन एवं अंचल कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी सूचना चस्पा दी जाए| निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद तय तिथि पर मापी का कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए| म्यूटेशन के मामलों में गलत दस्तावेज अथवा गलत तथ्य प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए| दस्तावेजों की जांच को प्रभावी बनाने के लिए अमीनों को स्थल पर जाकर स्पॉट वेरिफिकेशन करने को कहा गया| सचिव ने सभी अंचलों में लंबित अतिक्रमण वादों का संचालन राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) के माध्यम से पूर्णतः ऑनलाइन करने का निर्देश दिया| साथ ही सरकारी भूमि की गलत जमाबंदी की पहचान कर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया| सचिव ने कहा कि राजस्व कार्यों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए| बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि कार्यों में अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी|
बैठक में अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, संयुक्त सचिव गिरधारी लाल, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश, विशेष कार्य पदाधिकारी नवाजिश अख्तर एवं अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर सहित गया, नालंदा एवं शेखपुरा जिलों के सभी अंचल अधिकारी उपस्थित थे|
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