पटना : बिहार में ग्रामीण और गुणवत्णतापूर्ण विकास की योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने बड़ा कदम उठाया है|इस दिशा में विभाग ने केंद्रीयकृत ग्रामीण योजना अनुश्रवण एवं क्रियाशीलता पर्यवेक्षण प्रणाली की शुरुआत की है|इस नई एकीकृत डिजिटल प्रणाली के जरिए राज्य के आम नागरिक अब ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं से संबंधित कोई भी शिकायत, सुझाव या जानकारी सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे|ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीआरएसएमएफटीएस पोर्टल के माध्यम से अब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), जीविका, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)/ लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, वीबी-जी राम जी के साथ-साथ दूसरी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी हो सकेगी| साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग वेब पोर्टल, मोबाइल एप, व्हाट्सएप और हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं| पोर्टल के सहारे समय-समय पर उन्हें आवेदन की स्थिति की सही जानकारी भी मिल सकेगी|
विभाग में सीआरएसएमएफटीएस को लागू किए जाने से विभागीय योजनाओं से संबंधित कमियों और समस्याओं की त्वरित पहचान कर उनका समयबद्ध तरीके से समाधान का रास्ता जहां आसान होगा वहीं क्षेत्रीय अधिकारियों के निरीक्षण और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया भी सरल होगी| रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होने से कार्यों की सतत समीक्षा जिला और मुख्यालय स्तर पर की जाएगी और योजनाओं के तहत निर्मित बुनियादी ढांचों, परिसंपत्तियों की गुणवत्ता, उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करना भी आसान होगा|
इस मामले में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार कहा कि इस प्रणाली के लागू करने से शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो सकेगा, साथ ही शिकायतों की सतत निगरानी करने में काफी मदद मिलेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी| पर्यवेक्षण करने में आसानी होने से समस्याओं का ससमय निदान हो सकेगा|
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