Home अपराधभ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने में निगरानी का तेजी से बढ़ रहा ग्राफ

भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने में निगरानी का तेजी से बढ़ रहा ग्राफ

by Munna Pathak

पटना : निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भ्रष्ट लोक सेवकों को दबोचने में ही आगे नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने में तेजी से आगे बढ़ रही है|निगरानी अन्वेषण ब्यूरो सिर्फ भ्रष्ट लोकसेवकों को दबोचने में ही आगे नहीं है। बल्कि, इन्हें सजा दिलाने की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इस वर्ष जनवरी से 22 जुलाई तक 11 कांड़ों में 11 अभियुक्तों को कोर्ट से दोषी करार कराते हुए सजा दिलाई गई है| इस में 22 जुलाई को नवादा जिला के रोह अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी भोला पासवान को अधिकतम 4 वर्ष कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थिक दंड की सजा सुनाई गई है| उन्हें वर्ष 2014 में 4 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था|इन्हें भ्रष्टाचार निवारण निरोध अधिनियम की दो अलग-अलग धाराओं में 3 एवं 4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है, दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी| इस तरह इन्हें अधिकतम 4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा मिली है|
निगरानी के स्तर से पिछले वर्ष 30 भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाई गई थी, यह आंकड़ा पिछले 25 वर्षों में सर्वाधिक है|वर्ष 2000 एवं 2001 में महज 2 भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाई गई थी, जबकि 2002 एवं 2005 में सजा दिलाने वालों की संख्या शून्य थी| इसके बाद बीच के कुछ वर्षों को छोड़ दें, तो 2024 में 18 दोषियों को सजा दिलाई गई थी, लेकिन 2025 में इससे डेढ़ गुणा अधिक 30 दोषियों को सजा दिलाई गई,यह आंकड़े पिछले 25 वर्षों में रिकॉर्ड सर्वाधिक है| इसमें कई ऐसे आरोपियों को सजा दिलाई गई, जो रंगे हाथ गिरफ्तार होने के बाद लंबे समय से बचते आ रहे थे|परंतु इन सभी को दोषी साबित करते हुए सजा दिलाई गई, जबकि इस वर्ष सात महीने में ही 11 आरोपियों को सजा दिलाई जा चुकी है,आगामी पांच महीने में इस संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है|

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