पटना : ग्रामीण विकास, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र के वास्तविक निर्माता होते हैं, उनके सम्मान से बड़ा कोई सम्मान नहीं है| प्राचीन काल से ही बिहार शिक्षा और शिक्षकों की भूमि रही है| नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों ने पूरी दुनिया को ज्ञान का प्रकाश दिया है| आचार्य चाणक्य से लेकर आर्यभट्ट तक, इस धरती ने महान शिक्षकों और विद्वानों को जन्म दिया है, जिन्होंने शिक्षा को हमेशा सर्वोच्च सम्मान दिया गया है|
मंत्री शुक्रवार 04 सितंबर को स्थानीय कंकड़बाग कॉलोनी में सरगम कला एवं समाज कल्याण मंच की ओर से बिहार केसरी सम्मान सह रंगारंग सांस्कृतिक समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे| इस दौरान मंत्री ने जदयू के वरिष्ठ नेता पंकज पटेल, पटना के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. दिवाकर तेजस्वी, संस्था के अध्यक्ष विश्व मोहन चौधरी,कार्यक्रम संयोजक रिषभ राठौर, वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक चोपड़ा, कलाकार शबनम परवीन, सिमरन कुमारी, सुनीता रंजन, आलिजा बानो सहित अन्य गणमान्य लोगों को सम्मानित किया|
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