गुजरात/नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए गुजरात के भावनगर जिले में मिलावटी भारत निर्मित विदेशी मदिरा (आईएमएफएल) के सेवन करने से लगभग 9 लोगों की हुई मृत्यु और 39 लोगों को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है| घटना के बार मेंआयोग को मिली सूचना के संदर्भ में बताया गया कि अवैध शराब में अधिक मात्र में मेथनॉल मिलाया गया था, जिसे एक लोकप्रिय ब्रांड के लेबल वाली नकली बोतल में बेचा जा रहा था| इस घटना के संबंध में बताया गया कि एक प्रशिक्षु पुलिस की आकस्मिक मौत मृतु की जब जांच हुई तो इस अविध शराब के नेटवर्क का खुलासा हुआ|
आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानव अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित गंभीर मुद्दा है| इसलिए आयोग ने गुजरात के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है|
रिपोर्ट में मृतकों की संख्या, अस्पताल में भर्ती पीड़ितों और जांच की अद्यतन स्थिति शामिल होने करने को कहा गया है| जांच रिपोर्ट में मेथनॉल तथा अन्य कच्चे माल की पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण भी देने होगा| इसके अतिरिक्त, निलंबित पुलिसकर्मियों तथा किसी अन्य दोषी अधिकारी के विरुद्ध शुरू की गई विभागीय कार्रवाई, मृतकों के परिजनों और जीवित बचे लोगों को प्रदान की गई राहत, मुआवजा तथा चिकित्सा सहायता का विवरण भी रिपोर्ट में शामिल होना चाहिए| इसके अलावा, आयोग ने निषेध कानून के प्रभावी प्रवर्तन को मजबूत करने और ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए लागू किए जा रहे दीर्घकालिक उपायों पर भी रिपोर्ट मांगी है|
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