Home आयोगएनएचआरसी ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया

एनएचआरसी ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया

by Munna Pathak

मध्य प्रदेश : राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है| रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ककरुआ गांव के स्कूली छात्र विद्यालय जाने के लिए बेतवा नदी पर बने चेक डेम के पिलरों पर कूदकर अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं|

ये छात्र 13 किलोमीटर की दूरी तय करने के बजाय वे केवल 1.5 किलो मीटर का यह जोखिमपूर्ण रास्ता अपनाते हैं| रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गांव के नौ छात्रों, जिनमें पांच छात्राएं भी शामिल हैं, प्रतिदिन इसी तरह नदी पार कर विद्यालय जाते हैं|आयोग ने पाया है कि समाचार रिपोर्ट यदि सत्य है, तो यह मानव अधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है| आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21क (21A) छह से चौदह वर्ष की आयु के बच्चों को राज्य द्वारा निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रत्याभूत है| बालकों का निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 भी छह से चौदह वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है| इसके अतिरिक्त,उच्चतम न्यायालय ने अविनाश मेहरोत्रा बनाम भारत संघ (2009) के मामले में यह स्पष्ट किया है कि शिक्षा के अधिकार में सुरक्षित विद्यालय तथा सुरक्षित आधारभूत अवसंरचना का अधिकार भी निहित है| आयोग ने कहा है कि बच्चों के विद्यालय जाने के लिए सुरक्षित परिवहन अथवा सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था का अभाव उनके गरिमापूर्ण शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित किए जाने के समान है| आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है|

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

You may also like

Leave a Comment