पटना: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि कम उम्र में साहित्य के क्षेत्र में आदर्श भारद्वाज की उपलब्धियां बेहद प्रेरणादायक हैं, उनकी साहित्यिक प्रतिभा पर पूरे बिहार को गर्व है| ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर अवसर और उचित मार्गदर्शन मिलना चाहिए, ताकि उनकी प्रतिभा का निरंतर विकास हो और वे आगे चलकर बिहार एवं देश का नाम रोशन करें|
शिक्षा मंत्री सोमवार को विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में 11 वर्षीय बाल साहित्यकार आदर्श से मुलाकात कर रहे थे| इस दौरान उन्होंने आदर्श को सम्मानित किया और उनकी उपलब्धियों की प्रशंसा की|
आदर्श ने महज 11 वर्ष की उम्र में नौ पुस्तकें लिखकर साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है| उनकी प्रकाशित पुस्तकों में मैथिली भाषा में लिखा गया बाल यात्रा-वृत्तांत ‘नन्हकी आंखिसं भूटान’ भी शामिल है| लंदन के वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से उन्हें विश्व के सबसे युवा लेखक के खिताब से नवाजा गया है| हाल ही में उन्हें सीबीएसई की ओर से ‘वंडर ब्वॉय ऑफ इंडिया’ सम्मान भी प्रदान किया गया| मूल रूप से मधुबनी के झंझारपुर के रहने वाले आदर्श हिन्दी, अंग्रेजी, मैथिली और संस्कृत में रुचि रखते हैं| वे भारत-भूटान मैत्री, मिथिला संस्कृति और बाल साहित्य जैसे विषयों पर लगातार लेखन कर रहे हैं| आकाशवाणी और दूरदर्शन की परिचर्चाओं में भी उनकी भागीदारी रही है, इस मुलाकात के दौरान आदर्श के पिता डॉ. सुरविंद्र कुमार झा भी मौजूद थे|
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