पटना: बिहार की सबसे बड़ी ताकत यहां की सामाजिक एकता,आपसी भाईचारा औरर अलग-अलग धर्मों एवं संस्कृतियों के प्रति सम्मान की भावना है|इसे बनाए रखना बिहार के समाज की बड़ी जिम्मेदारी है| यही ताकत विकसित भारत के निर्माण में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका तय करेगी|इस बात की चर्चा राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन ने स्थानीय खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी के सभागार में “महात्मा गांधी और भाषा, साहित्य व संस्कृति के बारे में उनकी नजरिया” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्टी में कही| उन्होंने कहा किआज की दुनिया में सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास बहुत बड़ी ताकत हैं| उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने भी बिहार की इस विशेषता को महसूस किया था और यही कारण है कि उनका बिहार से गहरा जुड़ाव रहा|चंपारण से गांधी जी के आंदोलन की शुरुआत और पटना सहित बिहार के विभिन्न हिस्सों से उनका संबंध इस बात को दर्शाता है|
राज्यपाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है|अपने संयुक्त राष्ट्र मिशन के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के लोगों को यह देखकर आश्चर्य होता था कि भारतीय सेना के जवान और अधिकारी अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों को समझते और उनका सम्मान करते हैं| उन्होंने कहा कि यह केवल सेना की विशेषता नहीं, बल्कि भारतीय समाज की परंपरा है| उन्होंने बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि पटना साहिब, खुदाबख्श लाइब्रेरी, बिहार संग्रहालय, पटना संग्रहालय, गया, बोधगया, वैशाली, राजगीर और नालंदा जैसे स्थलों को जोड़कर एक महत्वपूर्ण पर्यटन और ज्ञान सर्किट विकसित किया जा सकता है| इससे देश-दुनिया के लोग बिहार की समृद्ध परंपरा को समझ सकेंगे|
राज्यपाल ने ‘नालंदा अप्रोच’ का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की ज्ञान परंपरा और विभिन्न धर्मों एवं संस्कृतियों के साथ रहने की भावना से एक मजबूत ज्ञान-समाज बनाया जा सकता है| उन्होंने खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को इसका महत्वपूर्ण प्रतीक बताते हुए दुर्लभ पुस्तकों, पांडुलिपियों और चित्रों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण को जरूरी बताया|उन्होंने कहा कि आज किसी देश की ताकत केवल सैन्य और तकनीकी क्षमता से नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, स्थिरता और मुश्किल समय में मजबूती से खड़े रहने की क्षमता से भी तय होती है| उन्होंने युवाओं को पर्याप्त अवसर देने और सकारात्मक सामाजिक माहौल बनाए रखने पर जोर दिया| राज्यपाल ने विश्वास जताया कि विकसित भारत के निर्माण में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी|राज्यपाल ने खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी के जर्नल का भी विमोचन किया| कार्यक्रम को बिहार विधान परिषद् के कार्यकारी सभापति प्रो.रामवचन राय एवं पूर्व मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी के निदेशक प्रो. मो. जहीदुल हक, सुप्रसिद्ध लेखक एवं पत्रकार अरविन्द मोहन उपस्थित थे|
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