Home देश -विदेशडॉ. प्रेम कुमार ने प्रवासी बिहारियों से विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया

डॉ. प्रेम कुमार ने प्रवासी बिहारियों से विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया

by Munna Pathak

ऑस्ट्रेलिया: बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सिडनी में प्रवासी भारतीयों, विशेषकर बिहार से जुड़े प्रबुद्धजनों, उद्यमियों,तकनिकी विशेषज्ञों एवं पेशेवरों संग संवाद किया| इस अवसर पर उन्होंने प्रवासी बिहारियों से बिहार की विकास-यात्रा में सक्रीय भागीदारी निभाने तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया| डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि जन्मभूमि से हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद प्रवासी बिहारियों का अपनी जड़ों, संस्कृति और माटी से जुड़ाव आज भी अत्यंत प्रगाढ़ है| उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है| इसी दिशा में बिहार भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करते हुए विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है|

अध्यक्ष ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प बिहार के समग्र विकास के बिना पूर्ण नहीं हो सकता| केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बिहार में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है| निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस तथा SIPDB जैसी व्यवस्थाएं लागू हैं| वहीं, बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP-2025) के माध्यम से पूंजी निवेश, ब्याज अनुदान, SGST प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन और भूमि आवंटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है| उन्होंने कहा कि बिहार की औद्योगिक नीतियां अब पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं| बिहार सेमीकंडक्टर नीति-2026 तथा बिहार बायोफ्यूल उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2023 के माध्यम से सेमीकंडक्टर, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोफ्यूल, वस्त्र, चमड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को विस्तार दिया जा रहा है|

प्रवासी बिहारियों से संवाद करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रह रहे बिहार के तकनीकी विशेषज्ञ, आईटी प्रोफेशनल, उद्यमी और वैज्ञानिक केवल निवेश के संभावित स्रोत नहीं हैं, बल्कि वे बिहार और वैश्विक बाजार के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा सकते हैं| उन्होंने कहा कि अपने अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता, प्रबंधन क्षमता और पूंजी के माध्यम से प्रवासी बिहारी बिहार के युवाओं के कौशल विकास, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं| अध्यक्ष ने प्रवासी बिहारियों का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार को केवल अपनी स्मृतियों और भावनाओं से न जोड़ें, बल्कि अपनी विशेषज्ञता, उद्यमशीलता और निवेश के माध्यम से बिहार की विकास यात्रा के सहभागी बनें| उन्होंने कहा कि प्रवासी बिहारियों की क्षमता और अनुभव का लाभ बिहार को मिले, इसके लिए सहयोग और संवाद के नए अवसरों को निरंतर बढ़ाया जाना चाहिए|

इस अवसर पर एस. जानकीरमण, काउंसल जनरल सीजीआई (Consulate General of India ), मूल रूप से छपरा से संबंधित तथा ऑस्ट्रेलिया के सिटी ऑफ पैरामाटा के पूर्व मेयर एवं वर्तमान काउंसलर समीर पांडेय, अररिया जिले के मिर्दौल से संबंधित ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय उद्यमी एवं समाजसेवी अमित कुमार दास, सीवान से संबंधित ऑस्ट्रेलिया के उद्यमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर जी तथा मिथिला, बिहार से संबंधित तथा ऑस्ट्रेलिया में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े प्रतिष्ठित लेखक एवं कवि शिशिरेंदु झा सहित बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग उपस्थित थे|

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

You may also like

Leave a Comment