Home बिहारविधि विभाग के कार्यों की मंत्री संजय सिंह टाइगर ने की समीक्षा

विधि विभाग के कार्यों की मंत्री संजय सिंह टाइगर ने की समीक्षा

by Munna Pathak

पटना: विधि विभाग के विभिन्न कार्यों की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की समीक्षा केलिए विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर की अध्यक्षता में गुरुवार 10 सितंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई| बैठक में विभाग की विभिन्न शाखाओं से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर कार्यों की स्थिति और वर्तमान राज्य सरकार के सौ दिन पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट में शामिल कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई| इस बैठक में विधि पदाधिकारियों के कार्य-मूल्यांकन, न्यायालयों में विधि पदाधिकारियों की नियुक्ति, वचनबद्ध विधि पदाधिकारियों के पारिश्रमिक, अभियोजन स्वीकृति, विधिक्षा एवं वैधानिक परामर्श के साथ अधिवक्ता कल्याण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहनता से चर्चा की गई| मुख्य रूप से जिन स्थानों से अभी तक कार्य-मूल्यांकन प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुए हैं, उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया| मंत्री श्री सिंह ने अभियोजन स्वीकृति/अस्वीकृति से संबंधित मामलों के प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रक्रिया में तेजी लाने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए|
उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से विधिक्षा अथवा वैधानिक परामर्श के लिए भेजे गए मामलों की स्थिति की जानकारी ली| उन्होंने विभागीय कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लंबित एवं प्रक्रियाधीन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से निष्पादित किया जाए| नियमित निगरानी, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय एवं समय-बद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विधि विभाग की सेवाओं और प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा सके|
समीक्षा बैठक में मंत्री को बताया गया कि चार संचिकाएं प्रक्रियाधीन हैं, जिनके शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया| इस मौके पर अधिवक्ताओं एवं अधिवक्ता संघों से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिवक्ता कल्याण योजना के लिए 30 करोड़ रुपये की राशि विमुक्त किए जाने की जानकारी दी गई| अधिवक्ताओं को सरकार की ओर से संचालित विभिन्न चिकित्सा सहायता योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने, ई-लाइब्रेरी की सुविधा प्रदान करने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया|
लंबे समय तक चली इस बैठक में अधिवक्ता कल्याण योजना को ध्यान में रखते हुए स्टाम्प शुल्क को 25 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किए जाने और विभिन्न न्याय-मंडलों में सिविल एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा हुई| इस दौरान महिला अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए पिंक टायलेट के निर्माण की दिशा में आवश्यक मॉडल, अनुमानित लागत एवं अन्य तकनीकी विवरण भवन निर्माण विभाग से प्राप्त करने का निर्देश जारी हुआ| साथ ही सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रगति रिपोर्ट एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर उपलब्ध कराने एवं विभागीय कार्यों के त्वरित निष्पादन पर बल दिया गया|

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