नई दिल्ली : बिहार अब गन्ना आधारित औद्योगिक निवेश के लिए देश के सबसे संभावनाशील राज्यों में अपनी जगह बनाने को अग्रसर है| नई दिल्ली में 09 रवां 10 सितंबर,2026 को आयोजित दो दिवसीय इंडिया शुगर एवं बायो-एनर्जी कॉन्फ्रेंस में गन्ना उद्योग विभाग बिहार सरकारने देश-विदेश से आए उद्योग प्रतिनिधियों एवं निवेशकों के समक्ष राज्य की नव-प्रवर्तित बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 का प्राभावी प्रस्तुतीकरण दिया| यह सम्मेलन इंडियन सुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया| उद्घाटन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने किया|
निवेशकों को प्राथमिकता:
सम्मेलन को संबोधित करते हुए गन्ना उद्योग विभाग बिहार के संयुक्त ईखायुक्त वेदव्रत कुमार ने बताया कि राज्य सरकार बिहार में 25 नई चीनी मिलों एवं गन्ना आधारित सहायक इकाइयों की स्थापना की दिशा में कार्य कर रही है| उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना प्रस्तावों के साथ आगे आने वाले निवेशकों को भूमि आवंटन एवं परियोजना अनुमोदन की प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी| “बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति–2026” राज्य को गन्ना आधारित औद्योगिक निवेश एक आकर्षक रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है|
संयुक्त ईखायुक्त ने बताया कि विभागीय स्तर पर गन्ना नर्सरी योजना, गन्ना यांत्रिकीकरण योजना, बीज विकास कार्यक्रम तथा गन्ना क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम जैसे उपायों के माध्यम से किसानों एवं उद्योगों -दोनों के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है। निवेशकों को राज्य सरकार की पारदर्शी एवं सुविधाजनक अनुमोदन प्रक्रिया का आश्वासन देते हुए संयुक्त ईखायुक्त ने बताया कि परियोजना अनुश्रवण समिति तथा विभाग का निवेशक सुविधा केंद्र परियोजना की डीपीआर से लेकर स्थापना एवं संचालन तक निवेशकों को आवश्यक सहयोग एवं सुविधा प्रदान करेगा| उन्होंने इच्छुक निवेशकों से शीघ्र परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आह्वान किया| सम्मेलन स्थल पर गन्ना उद्योग विभाग का एक विशेष स्टॉल स्थापित किया गया, जिसके माध्यम से उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों एवं अन्य हितधारकों को नीति की प्रमुख विशेषताओं तथा निवेश अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई| निवेशकों को बिहार में नई चीनी मिलों एवं गन्ना आधारित सहायक उद्योगों की स्थापना हेतु आमंत्रित किया गया|
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