पटना : बिहार सरकार रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए की सौगातें देने जा रही है, इससे जीविका दीदियों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा| सात निश्चय-3 के अंतर्गत राज्य की सभी 8053 पंचाय्य्तों में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र खुलने जा रही है| मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 25 अगस्त मंगलवार को 1, अणे मार्ग स्थित संवाद कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पांच चयनित जीविका दीदियों को बिक्री केंद्र की चाबी एवं चयन प्रमाण-पत्र प्रदान किए| चयनित जीविका दीदियों को 300 लीटर क्षमता वाला हार्ड-टॉप डीप फ्रीजर और विजी कूलर, सनबोर्ड, एप्रन एवं कैप उपलब्ध कराए गए| वहीं रक्षाबंधन के अवसर पर सभी 38 जिलों में जिलाधिकारी एक-एक जीविका-सुधा बिक्री केंद्र का उद्घाटन करेंगे|
इस मौके पर बताया गया की कॉम्फेड द्वारा सात निश्चय-3 योजना के तहत प्रत्येक गांव में प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के गठन का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है| वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 3,134 नई समितियों का गठन किया जा चुका है, जिनमें से 1,550 समितियां कार्यरत हो चुकी हैं तथा इनका दुग्ध संग्रहण प्रारंभ हो चुका है| वर्तमान में प्रतिदिन 25 लाख लीटर दूध का संग्रहण हो रहा है, जो पिछले साल की तुलना में तीन लाख लीटर प्रतिदिन अधिक है| इन समितियों के गठन से 54,055 किलोग्राम प्रतिदिन दूध का संग्रहण किया जा रहा है| इन नई समितियों में दुग्ध उत्पादकों को दूध की कीमत सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान के लिए डीपीएमसीयू (डेटा प्रोसेसर आधारित दुग्ध संग्रहण इकाइयां) की स्थापना की जा रही है| वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 3,282 समितियों में डीपीएमसीयू की स्थापना की जा चुकी है| कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पांच प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों को पंजीकरण प्रमाण-पत्र एवं डीपीएमसीयू का डेमो प्रदान किया गया|
8,053 पंचायतों में होगा सुधा सखी का चयन:
दुग्ध उत्पादक समिति के माध्यम से राज्य की 8,053 पंचायतों में सुधा सखी का चयन किया जाएगा।|चयनित सुधा सखियों का प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत प्रशिक्षण प्रस्तावित है| वर्तमान में कॉम्फेड मुख्यालय, पटना में 38 सुधा सखियों के बैच का छह दिवसीय प्रशिक्षण 27 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक निर्धारित है| कार्यक्रम में पांच चयनित सुधा सखियों को मुख्यमंत्री के द्वारा चयन-पत्र दिए गए हैं|
पशु औषधि विक्रय केंद्र की होगी स्थापना:
पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में कुल 534 पशु औषधि विक्रय केंद्र खोले जाएंगे (प्रति प्रखंड एक केंद्र)| भारत सरकार से 109 केंद्रों के लिए प्रथम अनुमोदन प्राप्त हो गया है| पांच पशु औषधि विक्रय केंद्रों के पांच चयनित लाभुकों को मुख्यमंत्री से चयन-पत्र उपलब्ध कराए गए|
मिथिला हस्तकला सहकारी समिति की हुई स्थापना:
मिथिला की पारंपरिक हस्तकलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मिथिला हस्तकला सहकारी समिति की स्थापना की गई है| महिला कलाकारों को “स्थानीय कला से वैश्विक बाजार” तक पहुंचाना इस समिति का प्रमुख विजन है| इसका उद्देश्य कलाकारों को संगठित कर उन्हें बाजार, ब्रांडिंग, प्रशिक्षण एवं वित्तीय सशक्तिकरण से जोड़ना है| प्रथम चरण में उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कंबोडिया के विश्व प्रसिद्ध अंगकोर वाट क्षेत्र में मिथिला हस्तकला उत्पादों के निर्यात एवं विपणन की योजना है|
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