नई दिल्ली/यूपी: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी अस्पतालों में गर्भावस्था के दौरान इलाज या प्रसव के समय 24 महिलाओं की की मौत से संबंधित खबर पर स्वतः संज्ञान लिया है|रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच ये मौतें हुई हैं, स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है| जिले के राजापुर क्षेत्र में सबसे अधिक 08 महिलाओं की मौत दर्ज की गई, जबकि लोनी और भोजपुर में 5-5 महिलाओं की मौत हुई है| बताया गया है कि जिले में 3,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के रूप में पहचान की गई है|आयोग ने कहा है कि यदि रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानव अधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है| इसलिए आयोग ने उत्तर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव तथा गाजियाबाद के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर इस मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है|03 नवंबर, 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 24 महिलाओं में से 10 की मौत अत्यधिक रक्त-स्राव के कारण हुई, जबकि 3 महिलाओं की मौत गंभीर संक्रमण और 3 अन्य की मौत उच्च रक्तचाप के कारण हुई| शेष 8 महिलाओं की मौत के लिए एनीमिया, हार्ट अटैक, टीबी और ब्रेन ट्यूमर सहित अन्य चिकित्सकीय स्थितियों को जिम्मेदार बताया गया है|
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