Home झारखंडमुंडा समाज के हजार साल के इतिहास और अधिकारों पर पूर्वी सिंहभूम में होगा मंथन

मुंडा समाज के हजार साल के इतिहास और अधिकारों पर पूर्वी सिंहभूम में होगा मंथन

by Munna Pathak

झारखंड: मुंडा समाज के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और संवैधानिक अधिकारों को केंद्र में रखकर 25 अक्टूबर को पूर्वी सिंहभूम के बिरसानगर स्थित गुड़िया मैदान में मुंडा महासम्मेलन सह मिलन समारोह प्रस्तावित है| आदिवासी मुंडा स्वशासन व्यवस्था, पूर्वी सिंहभूम की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड समेत पांच राज्यों के करीब दो हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है| महासम्मेलन में समाज की हजार वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा, परंपराओं, महापुरुषों के योगदान और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी| आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, महासम्मेलन का उद्देश्य समाज के लोगों को अपनी ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने के साथ उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है| इसमें झारखंड के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और छत्तीसगढ़ से मुंडा समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे|

CNT एक्ट और संवैधानिक अधिकारों पर होगी चर्चा:
महासम्मेलन में छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act), 1908 के प्रावधानों और मुंडा समाज के कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों पर विशेष परिचर्चा होगी| इसके साथ ही समाज की परंपराओं, इतिहास और महापुरुषों पर किए गए शोध को सामने रखा जाएगा| समाज की विकास यात्रा और वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए भावी पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा|

हस्तियां होंगी सम्मानित:
समारोह में राजनीति, समाज सेवा, साहित्य, चिकित्सा, कानून, भारतीय सेना, बैंकिंग और कॉर्पोरेट जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मुंडा समाज के लोगों को सम्मानित किया जाएगा| आयोजन के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रतिनिधियों और उनके परिवारों को एक साझा मंच पर लाने की पहल की गई है| समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका को भी विशेष महत्व दिया जाएगा| पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा|

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