Home बिहारबिहार में ग्रामीण विवादों का हो रहा है डिजिटल समाधान

बिहार में ग्रामीण विवादों का हो रहा है डिजिटल समाधान

by Munna Pathak

पटना: बिहार के ग्रामीणों को अब छोटे-मोटे विवादों के लिए किला अदालतों के चक्कर से मुक्ति मिल रही है| पंचायती राज विभाग के ई-ग्राम कचहरी पोर्टल ने गांव में ही न्याय की अवधारणा को मजबूती दी है| जनवरी 2025 से अब तक की अवधि में पोर्टल पर दर्ज कुल वादों में से 44 हजार से अधिक मामलों का समाधान किया गया है| निपटाए गए मामलों में जमीन-जायदाद और आपसी लेन-देन से जुड़े 22 हजार से अधिक दीवानी वाद और मारपीट जैसे भी लगभग 22 हजार फौजदारी वाद शामिल हैं| इस डिजिटल व्यवस्था से ग्रामीणों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है|
पश्चिम चंपारण में 92 प्रतिशत मामलों का निपटारा:
दीवानी और फौजदारी मामलों को सुलझाने में पश्चिम चंपारण जिला अव्वल रहा है| यहां कुल 1,965 वाद दर्ज हुए, जिनमें से 1,812 मामलों का निपटारा हुआ, जो कुल दर्ज मामलों का 92 प्रतिशत है| निपटाए गए मामलों में 1,235 दीवानी और 625 फौजदारी वाद शामिल हैं| इसके बाद लखीसराय ने बेहतर प्रदर्शन किया, जहां दर्ज 1,304 मामलों में से 994 यानी 76 प्रतिशत वादों का समाधान हुआ, मधेपुरा में 1,433 दर्ज मामलों में से 1,062 यानी 74 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया जा चुका है| विभाग के अनुसार, इस डिजिटल व्यवस्था से वादों की ट्रैकिंग आसान हुई है, ग्रामीण अपने मामले की स्थिति पोर्टल पर ही देख सकते हैं, जिससे सामाजिक सद्भाव बन रहा है|
वाद दर्ज करने की प्रक्रिया:
ग्रामीण https://egramkachari.bihar.gov.in पर जाकर मोबाइल नंबर और ओटीपी से पंजीकरण कर सकते हैं| लॉगिन के बाद ‘केस एंट्री’ में ‘एड न्यू’ पर क्लिक कर जानकारी भरें और संबंधित सरपंच, उप-सरपंच व पंच का चयन कर वाद दर्ज किया जा सकता है|

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