पटना: पुलिस पदाधिकारियों से लेकर पुलिस कर्मियों तक को लैंगिक अपराध और इससे जुड़े मामलों की समुचित जानकारी देने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन स्थानीय पुलिस मुख्यालय सरदार पत्रल भवन के सभागार में किया गया| इस एक दिवसीय कार्यशाला को मुख्य अतिथि श्रीमती हरप्रीत कौर (डीआईजी,विशेष शाखा) ने संबोधित किया|उन्होंने किशोरावस्था में लैंगिक असमानता,संवेदनशीलता, हिंसा, शोषण और अन्य जोखिम के दौरान तुरंत और प्रभावी कार्रवाई या प्रतिक्रिया पर विस्तार से चर्चा की| इस कार्य़ाशाला का विषय “एडलोरेंट्स एट द इंटरसेक्सन ऑफ जेंडर एंड वल्नियरिव्लिटी : स्रेंथंथनिंग फ्रंटलाइन रिस्पांस“ रखा गया है|
इस क्षमतावर्द्धन कार्यशाला का आयोजन चाणक्या राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और यूएनएफपीए (संयुक्त राष्ट्र पॉपुलेशन फंड) ने संयुक्त रूप से किया था| कमजोर वर्ग की अपर पुलिस अधीक्षक ने स्वागत भाषण में कहा कि कार्यशाला का उदेश्य किशोर-किशोरियों के प्रति संवेदनशीलता एवं लैंगिक दृष्टिकोण से प्रभावी पुलिस प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर ध्यान सेने की बात कही| इस अवसर पर यूएनएफपीए के हेड ऑफ ऑफिस ख्वाजा सादत नूर, जेंडर रिसोर्स सेंटर की निदेशक आय़ुशी दुबे, डॉ. विजय कुमार विमल समेत अन्य वक्ता मौजूद थे| वक्ताओं ने किशोरों के अधिकारों, लैंगिक दृष्टिकोण, संवेदनशील प्रतिक्रिया, विधिक प्रावधानों, बालकों एवं बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता तथा फ्रंटलाइन स्तर पर कार्यरत पुलिस पदाधिकारियों की भूमिका पर व्यवहारिक एवं विषयगत जानकारी प्रदान की| इसमें सभी जिलों के पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध शाखा के प्रभारी तथा चाइल्ड वेल्फेयर पुलिस पदाधिकारियों ने भाग लिया|
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