Home उद्योगआगा खान फाउंडेशन के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट धेनु धारा’ की हुई शुरुआत

आगा खान फाउंडेशन के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट धेनु धारा’ की हुई शुरुआत

by Munna Pathak

पटना: जीविका द्वारा आगा खान फाउंडेशन के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट धेनु धारा’ का शुभारंभ कार्यशाला कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया| यह दो वर्षीय परियोजना बिहार में छोटे और सीमांत डेयरी किसानों की उत्पादकता, पशु स्वास्थ्य एवं आय में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है| इस अवसर पर जीविका के डायरेक्टर (उद्यम) विनय कुमार राय, डॉ. राकेश (एसपीएम–लाइवस्टॉक), परियोजना प्रबंधक सुमित कपूर, डॉ. अजय, नालंदा के डीपीएम संजय, मुजफ्फरपुर की डीपीएम सुश्री अनीशा, आगा खान फाउंडेशन इंडिया की सीईओ सुश्री टिन्नी, रफे एजाज हुसैन (एसपीएम), नवनीत एवं डॉ. सरोज सहित अन्य प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे| परियोजना के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिए जीविका (BRLPS) और आगा खान फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए|
इस अवसर पर जीविका के निदेशक (उद्यम) विनय कुमार राय ने कहा कि प्रोजेक्ट धेनु धारा जीविका के माध्यम से डेयरी आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है| हमारा उद्देश्य छोटे एवं सीमांत डेयरी किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि के साथ-साथ समुदाय आधारित पशुपालन सेवाओं को मजबूत करना है| जीविका के व्यापक सामुदायिक नेटवर्क और आगा खान फाउंडेशन की तकनीकी विशेषज्ञता के समन्वय से हम एक प्रभावी एवं टिकाऊ मॉडल विकसित करने की दिशा में कार्य करेंगे, जिससे डेयरी किसानों की आय में वृद्धि के साथ महिला पशु सखियों के लिए भी स्थायी आजीविका के अवसर सृजित होंगे|
कार्यशाला के दौरान आगा खान फाउंडेशन इंडिया की सीईओ, सुश्री टिन्नी द्वारा परियोजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई| उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट धेनु धारा का क्रियान्वयन मुजफ्फरपुर और नालंदा जिलों में किया जाएगा| परियोजना के तहत पहले से ही 200 प्रशिक्षित महिला ‘पशु सखियों’ के माध्यम से लगभग 20,हजार डेयरी किसानों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है| परियोजना मुख्य रूप से राशन संतुलन (Ration Balancing Programme–RBP) और एथनो-वेटरनरी मेडिसिन (Ethno-Veterinary Medicine–EVM) जैसी वैज्ञानिक एवं स्थानीय ज्ञान आधारित प्रथाओं को बढ़ावा देगी| राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के तकनीकी सहयोग से संचालित इस पहल का उद्देश्य पशुओं के पोषण एवं स्वास्थ्य प्रबंधन में सुधार के साथ डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना है|
परियोजना के अंतर्गत दूध उत्पादन में 10 प्रतिशत तक वृद्धि तथा छोटे डेयरी किसानों की आय में 20 प्रतिशत तक वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है| बेहतर पोषण एवं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के माध्यम से एंटीबायोटिक्स के अनावश्यक उपयोग को कम करने तथा पशुओं के ड्राई पीरियड को कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा|यह पहल ग्रामीण बिहार में समुदाय-आधारित, महिला-नेतृत्व वाले और टिकाऊ डेयरी विकास मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है| जीविका और आगा खान फाउंडेशन की साझेदारी से किसानों, पशु सखियों तथा पूरे डेयरी इकोसिस्टम को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने की योजना है|

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