पटना: आपदा से प्रभावित मछुआरों और मत्स्य कृषकों को राहत देने के लिए बिहार सरकार ने आर्थिक सहायता का प्रावधान किया है| वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में आपदा से क्षतिग्रस्त नाव, जाल, मछली का चारा और मत्स्य फार्मों के पुनरुद्धार के लिए निर्धारित मानदंड के अनुसार सहायता राशि दी जाएगी| इसका उद्देश्य आपदा के बाद प्रभावित मत्स्य पालकों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ उनकी आजीविका को दोबारा पटरी पर लाना है| भारत सरकार के गृह मंत्रालय और बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में मत्स्य कृषकों को राहत देने के लिए सहायता के विभिन्न मानदंड निर्धारित किए गए हैं| सहायता को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में रखा गया है|
नाव और जाल की मरम्मत या बदलने के लिए आर्थिक मदद:
आपदा में क्षतिग्रस्त या गुम हुई गैर-यंत्रीकृत नाव और जाल के लिए सहायता दी जाएगी| आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त नाव की मरम्मत के लिए 6,हजार रुपये, जबकि पूरी तरह क्षतिग्रस्त नाव को बदलने के लिए 15,हजार रुपये दिए जाएंगे| इसी तरह आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त जाल की मरम्मत के लिए 3,हजार रुपये और पूरी तरह क्षतिग्रस्त जाल को बदलने के लिए 4,हजार रुपये की सहायता मिलेगी| यह लाभ ऐसे पात्र लाभार्थियों को मिलेगा, जो मौजूदा आपदा के लिए किसी अन्य सरकारी योजना से सब्सिडी या सहायता प्राप्त नहीं कर रहे हैं|
चारे के लिए 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर इनपुट सब्सिडी:
छोटे एवं सीमांत मत्स्य किसानों को आपदा के बाद मछली के चारे के लिए 10,हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से इनपुट सब्सिडी दी जाएगी| मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की योजना के तहत मिलने वाली एकबारगी सब्सिडी को इस प्रावधान से अलग रखा गया है|
मत्स्य फार्मों के पुनरुद्धार के लिए 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर:
आपदा से क्षतिग्रस्त मत्स्य फार्मों और तालाबों को फिर से उपयोग योग्य बनाने के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी| तालाब से गाद निकालने, पुनरुद्धार कराने और मछली फार्मों की मरम्मत के लिए 18,हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता निर्धारित की गई है| इसका लाभ उन पात्र मत्स्य पालकों को मिलेगा, जो उसी आपदा के लिए किसी अन्य सरकारी योजना से सहायता या सब्सिडी नहीं ले रहे हैं|
जिला मत्स्य पदाधिकारी से मिलेगी जानकारी:
आपदा प्रभावित मछुआरे और मत्स्य कृषक सहायता से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए अपने जिले के जिला मत्स्य पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं| इसके अलावा डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की वेबसाइट तथा मत्स्य निदेशालय, बिहार की वेबसाइट पर भी संबंधित जानकारी प्राप्त किया जा सकता है|
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