Home बिहारदुनिया में सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषाओं में हिंदी का महत्वपूर्ण स्थान: सम्राट

दुनिया में सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषाओं में हिंदी का महत्वपूर्ण स्थान: सम्राट

by Munna Pathak

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हिंदी दिवस के अवसर पर स्थानीय अभिलेख भवन सभागार में आयोजित हिंदी दिवस समारोह श कवि सम्मलेन का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया| कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी दिवस के अवसर पर राज्य वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं| उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति, सभ्यता और हमारी समृद्ध साहित्यिक परंपरा की अभिव्यक्ति है| हमें हिन्दी के गौरव को समझते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए| हिन्दी दुनिया में सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषाओं में से एक है, यह दुनिया में तीसरी प्रयोग की जानेवाली भाषा है| यह हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है| हिन्दी साहित्य को समृद्ध बनाने में बिहार की धरती के अनेक महान साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है| विद्यापति, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’, जनकवि नागार्जुन जैसे साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिन्दी साहित्य को नई ऊंचाइयां प्रदान की और समाज को दिशा दिया| मैं उन सभी विभूतियों को नमन करता हूं| उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपनी भाषा, संस्कृति और सभ्यता की पहचान को देश की सीमाओं से बाहर दुनिया भर में पहुंचाएं| हिन्दी को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने में देश के अनेक महान नेताओं का योगदान रहा है|

पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से हिन्दी में संबोधन कर हिन्दी को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर गौरव प्रदान किया| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में हिन्दी में भारत की बात दुनिया के सामने रखी| ब्रिक्स जैसे महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हिन्दी में संदेश देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं| मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी के साहित्यिक और सांस्कृतिक विस्तार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार में दो दिवसीय हिन्दी साहित्य समागम का आयोजन किया जाएगा| इसमें देशभर के प्रमुख हिन्दी साहित्यकारों, रचनाकारों, कवियों और विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा| उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस आयोजन की तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने का निर्देश दिया| उन्होंने कहा कि हिन्दी दिवस हमें अपनी भाषा के प्रति गौरव और जिम्मेदारी दोनों का बोध कराता है| हिन्दी को केवल सरकारी कार्यक्रमों या किसी एक दिवस तक सीमित रखने के बजाय अपने दैनिक जीवन, व्यवहार और कार्यक्षेत्र में अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए| भाषा तभी मजबूत होती है, जब उसका प्रयोग समाज के हर वर्ग द्वारा सहज रूप से किया जाता है| इस अवसर पर पूर्व विधान पार्षद डाॅ. प्रेम कुमार मणि, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, राजभाष निदेशालय के निदेशक एस.एम. परवेज आलम सहित अन्य वरीय अधिकारी, विद्वान जन, कवि, साहित्यकार, गणमान्य व्यक्ति एवं विद्यार्थी उपस्थित थे|

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