पटना : बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने तथा स्टार्टअप की जरूरतों के अनुरूप सपोर्ट सिस्टम विकसित करने के उद्देश्य से उद्योग विभाग द्वारा 24 अगस्त 2026 को स्टार्टअप बिहार स्टेकहोल्डर डायलॉग का आयोजन किए गया| कार्यक्रम में बैंक प्रतिनिधि, स्टार्टअप सेल,इनक्यूबेशन सेंटर, इन्वेस्टर्स एवं विभिन्न स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी रही| फंडिंग, कैपिटल मार्केट एक्सेस, एसएमई लिस्टिंग, इन्वेस्टर रेडीनेस, टेक्नोलॉजी, इनक्यूबेशन और बैंकिंग सपोर्ट जैसे विषयों पर चर्चा की गई|
एमएसएमई के निदेशक अमन समीर ने कहा कि स्टार्टअप और एमएसएमई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए शुरुआती चरण से लेकर विस्तार तक जरूरी मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि इनोवेटिव आइडियाज को सस्टेनेबल एंटरप्राइजेज में बदला जा सके| हमारा उद्देश्य है कि अधिक से अधिक युवा अपने आइडियाज़ को सफल स्टार्टअप में परिवर्तित कर सकें और राज्य में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित हों|
उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा कि उद्योग विभाग बिहार में एक मजबूत और सक्षम स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है| हमारा प्रयास है कि स्टार्टअप्स को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि बेहतर तकनीकी, संस्थागत और बाजार संबंधी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए| इवैल्यूएशन प्रोसेस को एआई-बेस्ड बनाया जा रहा है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और लगभग 15–20 दिनों के समय की बचत होगी|हमारा प्रयास है कि स्टार्टअप्स को तेज, पारदर्शी और प्रभावी सपोर्ट मिले|
कार्यक्रम में बीएसई, पटना रीजन के उप प्रबंधक गगन कुमार सिंह, सीआईएमपी के निदेशक डॉ. राणा सिंह, निदेशक, एसटीपीआई के निदेशक संजय कुमार, आईसी आईआईटीपी के महाप्रबंधक जोसेफ पॉल, चेयरमैन-कम-सीईओ विजय प्रकाश, एआईसी–बिहार विद्यापीठ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कैपिटल मार्केट, इनक्यूबेशन, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप ग्रोथ से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए| इस दौरान स्टार्टअप बिहार ऐप पर भी चर्चा एवं प्रस्तुतीकरण दिया गया| स्टार्टअप्स से ऐप और स्टार्टअप बिहार की विभिन्न पहलों को लेकर फीडबैक एवं सुझाव लिए गए, ताकि सेवाओं को उनकी जरूरतों के अनुरूप और बेहतर बनाया जा सके|
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