Home बिहारसभी किसानों को सुलभ ऋण उपलब्ध करना सरकार का लक्ष्य : विजय सिन्हा

सभी किसानों को सुलभ ऋण उपलब्ध करना सरकार का लक्ष्य : विजय सिन्हा

by Munna Pathak

पटना : कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की उपस्थिति में स्थानीय कृषि भवन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि ऋण पर 1%अतिरिक्त ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत कृषि विभाग एवं नाबार्ड के बीच समझौता ज्ञापन पर पर हस्ताक्षर किया गया| कृषि विभाग की ओर से कृषि निदेशक, बिहार मुकेश कुमार लाल तथा NABARD की ओर से उप महाप्रबंधक भोला प्रसाद सिंह के द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया| इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा कृषि ऋण पर पहले से 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है, इसके अतिरिक्त बिहार सरकार द्वारा अपनी राज्य योजना मद से किसानों को 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा| वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा ₹500.00 लाख (पांच करोड़ रुपये) की राशि उपलब्ध कराई जा रही है| योजना के कार्यान्वयन के लिए NABARD को राज्य एजेंसी नामित किया गया है|

3 लाख तक के कृषि ऋण पर मिलेगा 1% ब्याज अनुदान

मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं सहकारी बैंकों से लिए गए 3 लाख तक के फसल ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण एवं अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण पर 1 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान दिया जाएगा| 3 लाख से अधिक के ऋण की स्थिति में भी ब्याज अनुदान का लाभ अधिकतम 3 लाख की ऋण राशि तक ही देय होगा| योजना का लाभ उन्हीं पात्र किसानों को मिलेगा, जो निर्धारित अवधि के भीतर अपने ऋण का भुगतान करेंगे| योजना का उद्देश्य किसानों पर कृषि ऋण के ब्याज के बोझ को कम करना तथा उन्हें अधिक से अधिक संस्थागत कृषि ऋण प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है| उन्होंने कहा कि योजना के दायरे में लघु, सीमांत एवं अन्य सभी श्रेणी के किसान शामिल होंगे| सभी प्रकार की फसलों को भी योजना में समान रूप से शामिल किया गया है| इसके अतिरिक्त पात्र कृषि ऋण लेने वाले बटाईदार, मौखिक पट्टेदार एवं संयुक्त देयता समूह (JLG) के सदस्य भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे|

उन्होंने कहा कि ब्याज अनुदान से किसानों को कृषि कार्यों के लिए सुलभ एवं कम ब्याज दर पर संस्थागत ऋण प्राप्त करने में सहायता मिलेगी| इससे किसान बीज, उर्वरक, सिंचाई, कीटनाशी एवं अन्य आवश्यक कृषि निवेश में बेहतर तरीके से निवेश कर सकेंगे| परिणामस्वरूप कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायता होगी| उन्होंने कहा कि “कृषि विभाग और NABARD के बीच हुआ यह MoU बिहार के किसानों को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण कदम है| हमारा लक्ष्य है कि किसान आत्मनिर्भर बने, कृषि में निवेश बढ़े और बिहार की कृषि व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं समृद्ध बने|”

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