Home बिहारगन्ना उद्योग मंत्री ने किया शुगरकेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पोर्टल का शुभारंभ

गन्ना उद्योग मंत्री ने किया शुगरकेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पोर्टल का शुभारंभ

by Munna Pathak

पटना : बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को नई रफ़्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विभागीय मंत्री संजय कुमार ने आज ” शुगरकेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पोर्टल (SIPP)” का शुभारंभ किया| ” बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 “ के तहत विकसित यह पोर्टल निवेशकों के लिए एकीकृत डिजिटल मंच के रूप में कार्य करेगा| जहां निवेशकों को नीती संबंधी जानकारी, भूमि उपलब्धता, ऑनलाइन स्वीकृति प्रक्रिया, सब्सिडी प्रबंधन तथा परियोजनाओं की ऑनलाइन निगरानी जैसी सभी प्रमुख सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी| इस पोर्टल के माध्यम से निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और निवेशक के अनुकूल बनेगी|

इस अवसर पर गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि SIPP राज्य में निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सुविधा के रूप में कार्य करेगा|मंत्री ने कहा कि इससे निवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तेज होगी| बिहार शुगर, इथेनॉल, को-जनरेशन एवं कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) उद्योगों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभरेगा| मंत्री ने कहा कि पोर्टल पर निवेशक परियोजना के अनुरूप उपलब्ध प्रोत्साहनों एवं पात्रता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे| पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को जिलेवार उपलब्ध भूमि का चयन, भूमि के लिए ऑनलाइन आवेदन तथा प्रश्न एवं शिकायतों के ऑनलाइन निवारण जैसी सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी| साथ ही राज्य निवेश संवर्धन बोर्ड (SIPB) के प्रथम चरण की स्वीकृति के लिए विभागीय सहायता, परियोजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा सब्सिडी दावा एवं वितरण की पूरी प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से संचालित होगी, जिससे निवेश प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बन सकेगी|

उन्होंने कहा कि बिहार गन्ना उद्योग निवेश संवर्धन नीति-2026 के तहत निवेशकों को कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं| नई शुगर मिलों की स्थापना के लिए ₹70 करोड़ तक आधार अनुदान का प्रावधान किया गया है| इसके साथ ही पांच वर्षों तक शुद्ध SGST की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति तथा पात्र भूमि ₹1 की टोकन राशि पर लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी| नीति के तहत स्टाम्प शुल्क, निबंधन शुल्क और भूमि रूपांतरण शुल्क की भी शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति होगी| जबकि पूंजीगत अनुदान एवं ब्याज सहायता का लाभ भी निवेशकों को मिलेगा| हालांकि, पूंजीगत अनुदान और ब्याज सहायता का कुल लाभ किसी भी स्वीकृत परियोजना की लागत के अधिकतम 33 प्रतिशत तक सीमित रहेगा, जिससे निवेशकों को पर्याप्त वित्तीय सहयोग मिलने के साथ प्रोत्साहनों का लाभ पारदर्शी और संतुलित ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा|

मंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 10 शुगर मिलें संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 65,450 टीसीडी तथा डिस्टिलरी क्षमता 530 केएलपीडी है| राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में 25 नई शुगर मिलों की स्थापना को प्रोत्साहित करना है| उन्होंने कहा कि गन्ना क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के लिए किसानों को ₹10 प्रति क्विंटल की सहायता तथा निःशुल्क बीज उपलब्ध कराया जा रहा है| साथ ही, सकरी, रैयाम और ससमूसा चीनी मिलों को पुनः संचालित करने की दिशा में राज्य सरकार प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है| इस अवसर पर गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, ईखायुक्त अनिल कुमार झा, संयुक्त ईखायुक्त वेदव्रत सहित अन्य विभागीय पदाधिकरिगण उपस्थित थे|

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