पटना : बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने राष्ट्रीय प्रसारण दिवस के अवसर पर कहा कि रेडियो डिजिटल युग में भी प्रासंगिक है और इसका प्रसारण न केवल समाचार और मनोरंजन का श्रोत है, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन के सूत्रधार भी है| चाहे आपदा हो या उत्सव, प्रसारण हर पल जनता के साथ खड़ा रहता है| आज का दिन भारतीय रेडियो के इतिहास में उसके गौरवशाली प्रसारण का प्रतिक है| ज्ञात हो कि 22 जुलाई, 1927 को आज ही के दिन भारत में पहली बार रेडियो प्रसारण की शुरुआत हुई थी| इसकी शुरुआत तत्कालीन बॉम्बे से इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (IBC) द्वारा की गई थी, जो बाद में ऑल इंडिया रेडियो (AIR) में विलय हो गई| ऑल इंडिया रेडियो को आकाशवाणी भी कहा गया| आज का दिन मीडिया की स्वतंत्रता, जन जागरूकता और सांस्कृतिक विविधता के प्रसार को भी रेखांकित करता है|
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