Home पर्यटनबिहार सिर्फ अतीत की याद नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रतीक है

बिहार सिर्फ अतीत की याद नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रतीक है

by Munna Pathak

पटना : बिहार के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने और यहाँ की कार्य व्यवस्था को नजदीक से जानने के लिए लोकसभा की परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के करीब एक दर्जन सांसदों ने 24 अगस्त सोमवार को पटना का भ्रमण किया| यह समिति बिहार अध्ययन दौरे पर आई हुई है, सांसदों के इस दल में गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, बिहार समेत अन्य राज्यों के सांसद शामिल हैं| इन्होंने स्थानीय बेली रोड पर मौजूद ऐतिहासिक बिहार संग्रहालय को देखा और इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की| इस संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष बिहार के जदयू सांसद संजय झा हैं, इनके नेतृत्व में ही यह टीम बिहार आई हुई है| इसमें सारण सांसद राजीव प्रताप रूढी और सीतामढ़ी सांसद देवेशचंद्र ठाकुर भी शामिल हैं|
बिहार म्यूजियम को करीब से देखा,भवन में दीवारों पर करीने से सजाई गईं हजारों साल पुरानी कलाकृतियां, मूर्तियों और अवशेषों को देखकर विभिन्न राज्यों से आए सांसदों ने कहा कि यह धरती समृद्ध रही है, इसकी छाप यहां दिख रही है| बंगाली फिल्मों के रूपहले परदे से दूर होकर पश्चिम बंगाल के मेदिनिपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद बनी जून मालिया ने अपने अंदाज में कहा, ‘आइये न हमरा बिहार में’, इनके इस अंदाज का साथ अन्य सांसदों ने भी देते हुए इसे दोहराया| सांसदों ने यहां भ्रमण करते हुए कहा कि बिहार का हर कोना ऐतिहासिक रूप से भरा है, यहां घूमने और ज्ञान बढ़ाने के अनगिनत स्थान हैं| बिहार म्यूजियम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों को चुनौती दे रहा है, यहां संजोई गई वस्तुएं अन्यत्र दुर्लभ हैं| अधिक से अधिक पर्यटकों को यहां आना चाहिए, ताकि उन्हें एक अनोखा अनुभव मिल सके| इससे पहले सांसदों के इस दल ने पटना के ताज होटल में इनकी एक महत्वपूर्ण बैठक विभिन्न विभागों के साथ हुई| इसके बाद इन्होंने पटना के ऐतिहासिक खुदा बख्श खां लाइब्रेरी का भी दौरा किया| यहां प्राचीन पांडुलिपियों और ज्ञान के खजाने ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया|
बिहार म्यूजियम कला और इतिहास प्रेमियों के लिए आदर्श: जून मालिया:
पश्चिम बंगाल की सांसद जून मालिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह स्थान कला और इतिहास प्रेमियों के लिए आदर्श है| यहां इतिहास को इस तरह सुरक्षित रखा गया है कि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों को जान और समझ सकें| उन्होंने संग्रहालय के निर्माण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे अधिक से अधिक लोगों को बिहार घूमने के लिए प्रेरित करेंगी|
बिहार को जानने एवं समझने के लिए यहां और घूमूंगी :सुधा मूर्ति
प्रख्यात कंप्यूटर इंजीनियर, समाजसेवी, इंफोसिस फाउंडेशन की सह-संस्थापक और राज्यसभा सांसद पद्मश्री सुधा मूर्ति ने बिहार में सड़क, बुनियादी ढांचे और कला के क्षेत्र में हुए विकास की सराहना की| उन्होंने इच्छा जताई कि वे वैशाली, माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी और केसरिया जैसे ऐतिहासिक स्थलों को स्वयं देखकर बिहार को और गहराई से जानना चाहेंगी|
इस मौके पर सांसद देवेशचंद्र ठाकुर ने कहा कि पहले बिहार को लेकर लोगों के मन में जो डर था, वह अब समाप्त हो चुका है|
यह म्यूजियम आधुनिकता और इतिहास का बेजोड़ संगम: केशरीदेव सिंह
गुजरात के राज्यसभा सांसद केशरीदेव सिंह, दिग्विजय सिंह झाला ने म्यूजियम को आधुनिकता और इतिहास के बेजोड़ संगम का उदाहरण बताया| उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों का इतिहास आज भी उतनी ही खूबसूरती से संरक्षित है कि वह जीवंत प्रतीत होता है| बिहार की धरती से सभी धर्मों का गहरा जुड़ाव रहा है, जिसकी झलक यहां स्पष्ट दिखती है| इस राज्य के पास दुनिया को दिखाने और देने के लिए बहुत कुछ है| भारत के समृद्ध इतिहास और संस्कृति को जानने और नजदीक से समझने के लिए सभी से बिहार घूमने का अनुरोध किया|
इस संग्रहालय का भ्रमण करने वालों में उत्तर प्रदेश के सांसद आर.के. चौधरी, जम्मू-कश्मीर के सांसद मियां अल्ताफ अहमद, इमरान प्रताप गढ़ी, तमिलनाडु के सांसद एस. कल्याण सुंदरम समेत अन्य सांसद शामिल थे| समिति के सदस्यों ने बताया कि बिहार सिर्फ अतीत की याद नहीं, बल्कि वर्तमान की संभावनाओं का प्रतीक है| ऐतिहासिक स्थलों, समृद्ध संस्कृति और बदलते परिदृश्य ने उनके मन में राज्य के प्रति गहरी सम्मान की भावना जगा दी| मौके पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं बिहार सरकार के संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद थे|

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