Home बिहारआश्रितों को अनुग्रह अनुदान में विलंब बर्दाश्त नहीं : दीपक

आश्रितों को अनुग्रह अनुदान में विलंब बर्दाश्त नहीं : दीपक

by Munna Pathak

पटना : पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने सथानीय विकास भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में वित्तीय वर्ष 2026-27 में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों की कार्यकाल के दौरान मृत्यु की स्थिति में उनके आश्रितों को दिए जाने वाले 5 लाख के अनुग्रह अनुदान की समीक्षा की| समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पात्र आश्रित परिवारों को अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए| इसके लिए जिला स्तर पर जो अनावश्यक विलंब किया जाता है, के संबंध में सभी जिला पदाधिकारी को त्वरित गति से एक निश्चित समय सीमा के अंदर मामले को निपटारा करने का निदेश दिया गया| मंत्री ने कहा कि निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीण स्तर पर जनसेवा और स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं| उनके आकस्मिक निधन की स्थिति में उनके परिवार को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है| उन्होंने निर्देश दिया कि अनुग्रह अनुदान से संबंधित सभी पात्र मामलों का समयबद्ध एवं संवेदनशील तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए|

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत मामलों के साथ साथ सभी लंबित मामलों तथा अनुग्रह अनुदान की स्वीकृति की विस्तृत समीक्षा की गई| मंत्री ने लंबित मामलों के कारणों की जानकारी लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दस्तावेजों एवं प्रक्रियागत औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया| साथ ही चेक लिस्ट को संशोधित करते हुए सरलीकरण के लिए भी निदेश दिया गया| उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में दस्तावेज या अन्य औपचारिकता के कारण स्वीकृति लंबित है, तो संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी एवं मुख्यालय स्तर से प्रक्रिया पूरी करने के लिए अवधि निर्धारित करें, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी आ सके|

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधियों को दुर्घटना, आपदा और हत्या आदि मामले में 5 लाख की अनुग्रह सहायता दी जाती थी| जबकि अब उक्त जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल के दौरान सामान्य मृत्यु के स्थिति में भी उनके आश्रितों को 5 लाख की अनुग्रह अनुदान दिए जाने की व्यवस्था की गई है|
साथ ही ग्राम कचहरी सचिव/न्याय मित्र की पदासीन अवधि में मृत्यु के उपरांत उनके आश्रितों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान स्वीकृति की व्यवस्था की जाती है| बैठक में नवीन कुमार सिंह, निदेशक, पंचायती राज विभाग,वसीम अहमद, अपर सचिव, पंचायती राज विभाग बिहार के साथ पंचायती राज विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे|

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