मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी ने अपने कार्यालय कक्ष में पैनल अधिवक्ताओं के साथ बैठक आयोजित की| इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल एवं प्रभावी बनाने के संबंध में आवशयक रणनीति तैयार करने के साथ ही पैनल अधिवक्ताओं को उनके दायित्वों के प्रति जगयूक करना था| बैठक को संबोधित करते हुए सचिव श्री त्रिपाठी ने कहा कि लोक अदालत आमजन को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है| उन्होंने पैनल अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने स्तर पर लंबित एवं समझौता योग्य मामलों की पहचान कर पक्षकारों से संपर्क स्थापित करें तथा उन्हें आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मामलों के निष्पादन के लिए प्रेरित करें| उन्होंने विशेष रूप से अधिकाधिक मामलों के सफल निष्पादन के लिए समन्वित प्रयास पर बल दिया| सचिव ने कहा कि लोक अदालत की सफलता केवल अधिक संख्या में मामलों के निष्पादन से नहीं, बल्कि पक्षकारों की संतुष्टि एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करने से मापी जानी चाहिए| उन्होंने सभी पैनल अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि वे लोक अदालत के उद्देश्यों एवं लाभों के संबंध में आम लोगों के बीच व्यापक विधिक जागरूकता उत्पन्न करें|
बैठक में जिले में न्यूनतम कार्य योजना (मिनिमम एक्शन प्लान) के अनुरूप संचालित किए जाने वाले विधिक जागरूकता कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई| सचिव ने पैनल अधिवक्ताओं को निर्देश दिया कि वे पैरा लीगल वालंटियर्स के साथ समन्वय स्थापित कर ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करें तथा निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, बाल विवाह, दहेज प्रथा, साइबर अपराध, नशा मुक्ति सहित जनहित से जुड़े विभिन्न विधिक विषयों के प्रति लोगों को जागरूक करें|
उन्होंने कहा कि “न्याय तभी सार्थक है, जब उसकी जानकारी और पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो|” इसलिए विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य केवल न्यायालय परिसर तक सीमित न रहकर समाज के प्रत्येक वर्ग तक विधिक सहायता एवं जागरूकता पहुंचाना है|
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