पटना : बिहार में बच्चों के गायब होने और मानव तस्करी के मामलों पर सत्कार ने अब पूरी तरह से नकेल कसने की तयारी कर ली है| मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ़ लहजे में कहा कि राज्य में मानव तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा| बिहार सरकार इस मामले में “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है| उन्होंने जोर देकर कहा कि मानव तस्करी के चंगुल से छुड़ाए गए लोगों को सिर्फ उनके परिवार तक पहुंचा देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में सर उठाकर जीने के लिए पुनर्वास, हुनरमंद बनाने और रोजगार देने की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी| इसकी चर्चा मुख्यमंत्री श्री चौधरी स्थानीय ज्ञान भवन में गृह विभाग द्वारा आयोजित “गुमशुदा बच्चों और मानव तस्करी पर पूर्वी क्षेत्रीय सम्मलेन” के उद्घाटन सत्र के दौरन कर रहे थे| इस मौके पर अलग-अलग राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, तस्करी की रोकथाम और पीड़ितों की मदद को लेकर गंभीर मंथन हुआ|
1200 से ज्यादा बच्चे बरामद
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बच्चा गायब होने के बाद के शुरुआती घंटे सबसे ज्यादा नाजुक होते हैं| इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार में मामलों की रियल टाइम मॉनीटरिंग शुरू की गई है, जिसके शानदार नतीजे देखने को मिले हैं| इस व्यवस्था की बदौलत अब तक 1,200 से ज्यादा लापता बच्चों को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा चुका है| उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबी, बेरोजगारी और आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर ही तस्कर लोगों को बाहर काम दिलाने का झांसा देते हैं| इसलिए केवल पुलिसिया कार्रवाई से यह बुराई खत्म नहीं होगी, बल्कि लोगों को उनके अपने इलाके में काम देना होगा| सरकार इसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है और हाल ही में स्टील सेक्टर में 51 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश समझौते किए गए हैं| इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और मजबूरी में होने वाला पलायन रुकेगा\
5.50 लाख शिकायतें दूर, ‘नया सवेरा 3.0’ का आगाज
आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ‘सहयोग शिविर’ के माध्यम से 30 दिनों के भीतर मामलों को निपटाया जा रहा है| अब तक आए 6 लाख से ज्यादा आवेदनों में से 5.50 लाख से अधिक का सफल निपटारा किया जा चुका है| उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय है और अगर कहीं सुनवाई नहीं होती, तो हर महीने के दूसरे मंगलवार को वह खुद आम जनता के सामने बैठकर समस्याएं सुनते हैं|
तस्करी के खिलाफ लड़ाई को नया आयाम देते हुए उन्होंने ‘नया सवेरा 3.0’ अभियान का भी जिक्र किया| ‘नया सवेरा 1.0’ और ‘2.0’ की सफलता के बाद अब इस तीसरे चरण में जन-जागरूकता, रेस्क्यू ऑपरेशन और पीड़ितों के पूर्ण पुनर्वास पर खास ध्यान दिया जाएगा| सम्मेलन के दौरान सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीशों, वरिष्ठ न्यायविदों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए| इस दौरान मानव तस्करी के खतरों और बचाव पर आधारित एक विशेष वीडियो फिल्म भी दिखाई गई| मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि बिहार सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस अपराध को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी|
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