पटना : कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज राज्य से कृषि उत्पादों के निर्यात की समीक्षा के उपरान्त कहा कि बिहार के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, अवसंरचना एवं परिवहन से जुड़े सभी पहलुओं पर समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है| उन्होंने कहा कि बिहार सरकार किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उनके उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए पूरी व्यवस्था विकसित करेगी|
मंत्री ने कहा कि राज्य से निर्यात होने वाले कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण अंतर्राष्ट्रीय निर्यात मानकों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे बिहार के उत्पाद वैश्विक बाजार की गुणवत्ता आवश्यकताओं को पूरा कर सकें| उन्होंने मखाना के निर्यात पर बल देते हुए कहा किअंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता के अनुरूप मखाना तैयार करने के लिए आधुनिक मखाना पॉपिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे| इन केंद्रों की स्थापना कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की देखरेख एवं तकनीकी मार्गदर्शन में की जाएगी| सरकार की सहायता से इन पॉपिंग सेंटरों पर आधुनिक पॉपिंग यंत्रों की व्यवस्था की जायेगी, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सके|
मंत्री ने कहा कि इन पॉपिंग सेंटरों पर किसान स्वयं अपने मखाना का पॉपिंग कर सकेंगे| इन पॉपिंग सेंटरों पर तैयार किया गया मखाना अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता एवं निर्यात मानकों के अनुरूप होगा| इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ बिहार के मखाना की वैश्विक बाजार में मांग और पहचान बढ़ेगी| राज्य से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किसानों एवं संबंधित हित धारकों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जायेगा| कृषि निर्यात के लिए आवश्यक कार्गाे उड़ानों की संख्या बढ़ाने, निर्यात अवसंरचना के विकास एवं आधुनिकीकरण तथा प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं उनकी संख्या में वृद्धि के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है|
बिहार सरकार बिहार राज्य कृषि निर्यात नीति पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा| इस नीति के लागू होने से राज्य में कृषि उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता संवर्धन, भंडारण, लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात को एक नई दिशा मिलेगी तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान होगा|मंत्री ने कहा, हम उत्पादन तो करते हैं और अपने उत्पाद को खेत एवं खलिहान से बाजार तक भी ले आते हैं, लेकिन बंदरगाह तक पहुंचाने का कार्य कोई और करता है| अब आवश्यकता है कि बिहार अपने कृषि उत्पादों के निर्यात की पूरी श्रृंखला को मजबूत करे, ताकि हमारे किसानों के उत्पाद सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचें और उसका अधिकतम लाभ किसानों को ही मिले|
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