पटना : सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने के लिए दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर उनका प्राथमिकता से सुधार किया जा रहा है|राज्य के परिवहन विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत तीन वर्षों में राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 702 ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित किया गया है|इनमें से 676 ब्लैक स्पॉट्स का सुधार कर लिया गया है, वर्तमान में 8 ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्य जारी है, जबकि बाकी स्थानों का काम अगस्त माह तक पूरा कर लिया जाएगा| विभागीय सचिव राज कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना कम करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है| राज्य के 500 प्रमुख स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की स्थापना आगामी दिनों में होगी| इस आधुनिक प्रणाली से यातायात की निरंतर निगरानी संभव होगी, जिससे ओवर स्पीडिंग, लेन उल्लंघन और अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई होने के साथ ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा| यह मानव जीवन की रक्षा करने के साथ ही राजमार्गों पर सुगम एवं सुरक्षित यातायात करने में अहम साबित होगा| आम नागरिकों से अपील है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग की आदत अपनाएं|
क्या है ब्लैक स्पॉट:
सड़क का वह हिस्सा या स्थान, जहां बहुत ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं और मौतें होती हैं| आमतौर पर विगत 3 से 5 सालों के आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जाता है| जैसे- तेज मोड़, खराब डिजाइन वाला चौराहा, अंधेरा, सड़क पर गड्ढे या जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती है|
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