पूर्वी चंपारण/मोतिहारी: सुरक्षित बचपन अभियान के प्रथम चरण के सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से शनिवार 24 अक्टूबर को जिला पुलिस एवं जिला विधिक सेव प्राधिकार (DLSA) पूर्वी चंपारण के समन्वय से एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई| कार्यक्रम में DLSA मोतिहारी के सचिव नितिन त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे| कार्यशाला में डीएसपी क्राइम, डीएसपी साइबर, साइबर पुलिस पदाधिकारी, बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी (CWPO), विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) के सदस्य, पुलिस दीदी, पैनल अधिवक्ता दीपक कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया|कार्यशाला में पुलिस विभाग के संसाधन व्यक्तियों द्वारा बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल संरक्षण, साइबर अपराधों से बच्चों की सुरक्षा तथा पीड़ित बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई| साथ ही, बाल संरक्षण से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों की भूमिका तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर बल दिया गया|
इस अवसर पर मुख्य अतिथि नितिन त्रिपाठी, सचिव DLSA मोतिहारी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा एवं उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है| उन्होंने बच्चों को समय पर विधिक सहायता उपलब्ध कराने, बाल पीड़ितों के हितों की रक्षा करने तथा आमजन में बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया|कार्यशाला में आगामी 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के प्रथम चरण को सफल बनाने के लिए विशेष रणनीति एवं समन्वित प्रयासों पर चर्चा की गई| पुलिस विभाग के संसाधन व्यक्तियों और DLSA मोतिहारी के सहयोग से अभियान के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से लागू करने तथा बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता का व्यापक प्रसार करने पर बल दिया गया|जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विधिक जागरूकता के प्रसार तथा जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निरंतर कार्य कर रहा है|
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