पटना: बिहार परिवहन विभाग में लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण नहीं करने वाले करीब 10 जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) को विभागीय मंत्री दामोदर रावत ने शोकॉज जारी करते हुए इन पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए मंत्री ने विभाग को आदेश दिया है| जिन जिलों के डीटीओ राजस्व संग्रह में पिछड़ गए, उनमें मुंगेर, कैमूर, सारण, जहानाबाद, मधेपुरा, लखीसराय, नवादा, बक्सर, खगड़िया और सहरसा मुख्य रूप से शामिल हैं| इनके अलावा कुछ अन्य जिलों के डीटीओ की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई, उन्हें भी चेतावनी दी गई है| मंत्री ने लक्ष्य हासिल करने के लिए डीटीओ को स्वयं फिल्ड में उतरकर जांच समेत अन्य कार्रवाई में तेजी लाने का आदेश दिया| वे शुक्रवार को फुलवारीशरीफ स्थित बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) के सभागार में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे| इससे पहले उन्होंने यहां पटना डीटीओ कार्यालय के बाहर बने नए सेल्फी प्वाइंट ‘आई लव पटना डीटीओ’ का उद्घाटन भी किया|
इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने बिहार की सड़कों पर दौड़ रही जुगाड़ गाड़ियों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगाने का सख्त निर्देश दिया| कहा कि जुगाड़ गाड़ियों से सड़क हादसों का खतरा बढ़ता है और सड़क सुरक्षा प्रभावित होती है।|साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) के चल रहे वाहनों के खिलाफ एक महीने तक विशेष अभियान चलाकर उन्हें जब्त करने कहा| आगामी दिवाली-छठ पर चलने वाली बसों में ओवरलोडिंग न हो, इसका विशेष ध्यान रखने की हिदायत भी मंत्री ने दी है|
सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर:
मंत्री ने लंबित डीएल आवेदनों को जल्द निपटाने और डीएल कार्ड की खराब गुणवत्ता की शिकायत पर संबंधित एजेंसी को 15 दिन के अंदर सुधार करने की चेतावनी दी है| उन्होंने निर्माणाधीन ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, बस स्टैंड निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को कहा| हिट एंड रन योजना का लाभ समय पर आम लोगों को मिले, इसके लिए डीटीओ को संवेदनशीलता से काम करने कहा| साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने, ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने, वाहनों में स्पीड लिमिट डिवाइस की जांच और फिटनेस केंद्रों पर नियमित जांच सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है|
बॉडीवॉर्न कैमरा से लैस होंगे ईएसआई:
चेकपोस्ट पर तैनात प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ईएसआई) के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने नवादा, कैमूर, गया और गोपालगंज समेत अन्य प्रमुख चेक पोस्टों के ईएसआई को बॉडीवॉर्न कैमरा उपलब्ध कराने की बात कही| सड़क दुर्घटनाओं में कैशलेस इलाज के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना को लेकर मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत पंजीकृत अस्पतालों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए| इसके लिए जिला पदाधिकारी और योजना के नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने कहा| सभी थानों में भी जागरूकता फैलाने का सुझाव दिया, ताकि पुलिस हादसों में घायलों को आयुष्मान पंजीकृत अस्पतालों में भर्ती करा सके| बैठक में सचिव राज कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन, अपर सचिव प्रवीण कुमार समेत विभाग के अन्य वरीय अधिकारी और सभी जिलों के डीटीओ उपस्थित थे|
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!