पटना: बिहार में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक केंद्रों की चर्चा देश में प्रमुखता से हो रही है| विगत वर्ष 2025 से लेकर अब तक बिहार में 01 लाख, 21 हजार, 863 करोड़ रूपये के निवेश को लेकर 01 हजार,91 प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुए हैं| इन उद्योगों को बिहार में लगने से लगभग 68 हजार, 807 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है|पात्र निवेशकों को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (बीआईपीपी) के तहत मुफ्त भूमि भी दी जा रही है| इसकी जानकारी विभागीय उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने स्थानीय सूचना भवन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को दी| उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार निवेशक अनुकूल नीतियों, बुनियादी ढांचे के विस्तार,भूमि की उपलब्धता,एमएसएमई को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही है|
नई औद्योगिक भूमि तैयार:
मंत्री ने बताया कि बिहार के विभिन्न हिस्सों में उद्योगों के लिए 14 हजार 600 एकड़ से अधिक नई औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराने पर काम चल रहा है| भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 25 जिलों में 28 जगहों पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है| बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से अबतक 521 इकाइयों को 727 एकड़ भूमि आवंटित की है| इससे 18 हजार 380 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 49 हजार 167 नए रोजगार के अवसर बनेंगे| राज्य में 94 औद्योगिक क्षेत्रों का नेटवर्क विकसित किया गया है, उद्यमियों के लिए तुरंत काम शुरू करने के उद्देशय से 32 लाख वर्ग फुट से अधिक प्लग एंड प्ले संरचना मौजूद है| इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी सभी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता का ध्यान रखा गया है|
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार (24 अक्टूबर) को गयाजी के डोभी में 1,670 एकड़ में बनने वाले बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) के वेब पोर्टल के साथ ही परियोजना का शुभारंभ करेंगे, इसके बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी| देशभर में 14 स्थानों पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी बनाने की योजना है, जिसमें बिहार में तेजी से काम हो रहा है| उन्होंने कहा कि बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 के जरिए राज्य में उच्च तकनीक वाले उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है| पटना में 171 करोड़ रुपये के निवेश से 15 एकड़ में एक नया प्रौद्योगिकी केंद्र बनाया जा रहा है, साथ ही राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी विकसित करने का प्रस्ताव भी जल्द कैबिनेट को भेजा जाएगा| इस संबंध में विभागीय सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि इस परियोजना में विनिर्माण के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही जगह मिलेगी, जिससे यह एक औद्योगिक शहर के तौर पर विकसित होगा| यहां प्रदूषण नियंत्रण के लिए साझा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (सीईटीपी) और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) भी होगा। इससे बिहार के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा मिलेगी| इस मौके पर हथकरघा और रेशम निदेशक डॉ. विद्यानंद सिंह एवं एमएसएमई निदेशक अमन समीर भी उपस्थित थे|
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