पटना: बिहार में 118 वर्ष पूर्व खरीदी-बेची गई जमीन के दतावेजों को अब घर बैठे देखा जा सकेगा| इसके लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग पुराने निबंधित दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन का काम लगातार कर रहा है| विभाग के अनुसार, 1908 से 1995 तक के लगभग 5 करोड़ 15 लाख दस्तावेजों को डिजिटाइज करने का लक्ष्य है| इनमें से अब तक 77 लाख 80 हजार दस्तावेज निबंधन विभाग की वेबसाइट https://enibandhan.bihar.gov.in पर अपलोड किए जा चुके हैं| इस काम के लिए 10 एजेंसियां लगाई गई हैं, जो रोजाना हजारों दस्तावेजों को स्कैन एवं अपलोड कर रही हैं|
विभाग ने बताया कि 1996 से 2005 तक के दस्तावेजों का काम पूरा कर लिया गया है| इस अवधि के कुल 68 लाख 51 हजार दस्तावेजों को स्कैन कर पीडीएफ बनाया गया है, जिनमें से 66 लाख दस्तावेजों के पीडीएफ को वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है| आम लोग इनकी सच्ची प्रतिलिपि को आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं| वहीं, 2006 से अब तक के सभी दस्तावेज भी कंप्यूटरीकृत निबंधन प्रणाली के तहत पोर्टल पर मौजूद हैं| अब जो भी नया निबंधन हो रहा है, उसका लिंक पक्षकार के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है, जिससे वे तुरंत दस्तावेज डाउनलोड कर सकते हैं| इस पहल का उद्देश्य निबंधन विभाग की सुविधाओं को पूरी तरह से डिजिटल कर आमलोगों को सहज रूप में उपलब्ध करवना है|
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