– बिहार पथ कर नियमावली, 1979 के प्रावधानों में संशोधन को लेकर कैबिनेट की बैठक ने दी मंजूरी
– टॉल टैक्स देने के लिए छोटे से लेकर व्यवसायिक, बड़े और अत्याधिक बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग दर निर्धारित
पटना, 1 जुलाई।
अब बिहार सरकार की अपनी मुख्य सड़कों यानी एसएच (स्टेट हाईवे) पर चलने के लिए एनएच (नेशनल हाईवे) की तर्ज पर टॉल टैक्स देना होगा। इसके लिए बिहार पथ कर नियमावली, 1979 की संबंधित धाराओं में अहम संशोधन किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बुधवार (1 जुलाई) को आयोजित बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इसमें 29 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी। कैबिनेट में लिए गए अहम निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अऱविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि एसएच पर टॉल संग्रह का निर्धारण एनएच की तर्ज पर किया जाएगा। वैन, कार, जीप समेत जैसे अन्य हल्के वाहनों पर 1.25 रुपये प्रति किमी की दर से टॉल वसूला जाएगा। इसी तरह छोटे व्यवसायिक वाहनों के लिए 2 रुपये प्रति किमी, दो एक्सिल वाले बस या ट्रक के लिए 4.25 रुपये प्रति किमी, बड़े निर्माण कार्य से जुड़े वाहनों मसलन पोकलेन, डंपर जैसे से 6.65 रुपये प्रति किमी तथा 7 या इससे अधिक एक्सिल वाले अत्याधिक बड़े वाहनों के लिए 8.10 रुपये प्रति किमी की दर निर्धारित की गई है। वाहनों से टॉल टैक्स की निर्धारित दर गाड़ी में लगे फास्ट टैग या अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के माध्यम से ही कटेगी। वहीं, विशिष्ट श्रेणियों के लिए छूट एवं पात्र उपयोगकर्ताओं के लिए रियाती पास एवं बहु-यात्रा रियायतों का भी प्रावधान किया गया है। इसमें बिना फास्ट टैग वाले वाहनों के मामलों में अधिक शुल्क और अधिक भारयुक्त वाहनों के मामले में भी अधिक शुल्क लेने के प्रावधान किए गए हैं।
1100 श्रद्धालुओं को सरकार कराएगी सोमनाथ यात्रा
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 1 हजार साल की अटूट आस्था की परिकल्पना के अंतर्गत कला एवं संस्कृति विभाग की तरफ से सोमनाथ यात्रा कराई जा रही है। 20 जुलाई से शुरू हो रही इस यात्रा में 1100 श्रद्धालुओं के साथ विशेष ट्रेन पटना से सोमनाथ के लिए प्रस्थान करेगी तथा दो दिवसीय सोमनाथ भ्रमण के उपरांत वापसी करेगी। इस यात्रा के आयोजन के लिए कैबिनेट 2.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
पत्थर खनन के लिए शुरू होगी ई-निलामी
राज्य सरकार ने पत्थर खनन के लिए संबंधित भूखंडों की बंदोबस्ती ई-नीलामी सह निविदा के माध्यम से कराने की मंजूरी देने के साथ ही इसकी प्रक्रिया पूरी करने की शक्ति समाहर्ता को देने की मंजूरी दी है। इसके तहत अनुमोदित जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन में आंकलित वार्षिक खनन योग्य पत्थर की मात्रा में स्वामिस्व (रॉयल्टी) दर से गुणा करने पर प्राप्त होने वाली राशि में 25 प्रतिशत की वृद्धि कर पहले वर्ष के लिए न्यूनतम सुरक्षित मूल्य का निर्धारण किए जाने की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति के बाद पत्थर खनन पट्टों में उपलब्ध पत्थर की मात्रा के आधार पर न्यूनतम सुरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा 1 जुलाई से वीवी-जी राम जी योजना के लागू करने की मंजूरी प्रदान की गई है। इसके लिए बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी को नोडल एजेंसी के तौर पर स्वीकृति प्रदान की गई है।
31 बस डिपो या स्टैंड का निर्माण होगा पीपीपी मोड पर
राज्य पथ परिवहन निगम के अधीन 31 बस डिपो या स्टैंड का निर्माण पीपीपी मोड पर किया जाएगा। इनके परिचालन से यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, सुगमता, सुलभ और सस्ता परिवहन सेवा मिलेगी। इनके क्रियान्वयन होने से राज्य पथ परिवहन निगम को 200-300 करोड़ राजस्व प्राप्त होगा। इसके अलावा राज्य में नौकाघाट की बंदोबस्ती एवं प्रबंधन को अधिनियमित करने के लिए बिहार नौकाघाट बंदोबस्ती एवं प्रबंधन अधिनियम, 2023 लागू है। लोक नौकाघाटों की बंदोबस्ती सुरक्षित जमा राशि के आधार पर लोक निलामी से सार्वजनिक डाक प्रणाली के माध्यम से उच्चतन डाक बोलने वाले को न्यूनतम तीन और अधिकतम 5 वर्ष के लिए दिया जाएगा।
नई विज्ञापन नियमावली को मिली मंजूरी
राज्य सरकार ने बिहार बाह्य विज्ञापन नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य के बाहर दिए जाने वाले विज्ञापन के विभिन्न माध्यमों में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक एवं संसाधन का प्रभावी उपयोग से सरकार की लोक कल्याणकारी नीति एवं कार्यक्रमों का जन जागरूकता के लिए व्यापक एवं प्रभावकारी प्रचार-प्रसार हो सकेगा। राज्य सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों, नीतियों, कार्यक्रमों का लोगों के बीच अधिक से अधिक संख्या में प्रचार करने के साथ ही प्रभावकारी लोक संवाद एवं ब्रांड बिहार को विकसित करने के लिए विभिन्न माध्यमों का पेशेवर तरीके से उपयोग करने में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
बीरपुर हवाई अड्डा का होगा विकास
बीरपुर हवाई अड्डा को विकसित करने के लिए 88.83 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए राज्य स्कीम से 29 करोड़ 56 लाख 99 हजार रुपये मुआवजा राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण तथा अवसंरचना के विकास के लिए वित्तीय संस्थाओं से राज्य सरकार की गारंटी पर 25 हजार करोड़ रुपये का वित्त पोषण प्राप्त करने के लिए आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार (आयडा) को प्राधिकृत करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
बक्सर कारा स्थित वामन भगवान मंदिर का होगा विकास
बक्सर में मौजूद केंद्रीय कारा की भूमि में 1 एकड़ 90 डिसमिल जमीन को अलग करते हुए इस पर स्थित वामन भगवान मंदिर का विकास, सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें प्रवेश के लिए सहज व्यवस्था बनाने के उदेश्य से वामन भगवान मंदिर के लिए खासतौर से चिन्हित की गई है। मंदिर परिसर को तीन तरफ से 14 फीट कंटीले तार की चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा।
वहीं, पटना नगर निगम पहली बार नगर निगम बॉड जारी करने जा रहा है। अन्य राज्यों में इस तरह के बॉड जारी किए गए हैं, लेकिन बिहार में यह बॉड पहली बार जारी की जा रही है।
पटना जू में वन्यजीवों की सुरक्षा, प्रबंधन और देखभाल के लिए अन्य सुविधाएं की देखभाल के लिए 23 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है।
16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाले अनुदान 51 हजार 923 करोड़ रुपये को राज्य की त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) के बीच वितरण की स्वीकृति प्रदान की गई है।
राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 में 34 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत पर गन्ना यांत्रिकरण योजना की शुरुआत की जाएगी। गन्ना उत्पादन को लाभकारी बनाने, कृषि लागत को कम करने तथा किसानों की आय में वृद्धि करने के उदेश्य से इस योजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है।
कैबिनेट ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 की वैधता को इस वर्ष 31 दिसंबर तक या नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 के लागू होने की तिथि तक बढ़ा दी गई है। इनमें जो भी पहले होगी, वह लागू होगी।
3 comments
Neque porro quisquam est, qui dolorem ipsum quia dolor sit amet, consectetur, adipisci velit, sed quia non numquam eius modi tempora incidunt ut labore.
Quis autem vel eum iure reprehenderit qui in ea voluptate velit esse quam nihil.
Et harum quidem rerum facilis est et expedita distinctio. Nam libero tempore, cum soluta nobis est eligendi optio cumque nihil impedit quo minus id quod maxime placeat facere.